बारां जिले के छीपाबड़ोद थाना क्षेत्र के ग्राम बिन्दाराडा में जमीन की मेड़ को लेकर चली आ रही रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। 26 नवम्बर 2025 की शाम हुई इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि घटना के संबंध में फरियादी पवन पुत्र रामसिंह भील निवासी बिन्दाराडा ने थाना छीपाबड़ोद पर रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार, शाम करीब छह बजे मोरसिंह पुत्र छोटूलाल, राजु पुत्र छोटूलाल, चौथमल पुत्र नामालूम, राधेश्याम पुत्र छोटूलाल, दिलराज पुत्र राधेश्याम तथा रामपुरिया के दो जयाई एक राय होकर तलवार, गंडासी, कुल्हाड़ी और लकड़ियों से लैस होकर फरियादी के घर में जबरन घुस आए। आते ही मोरसिंह ने तलवार से मुकेश के सिर पर जानलेवा वार किया, जबकि राधेश्याम ने कुल्हाड़ी से योगेश के सिर पर हमला किया। इसके बाद सभी आरोपियों ने लाठी, गंडासी और तलवारों से परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की, यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं बख्शा।

घटना के दौरान हेमराज, रणजीत और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने पूरी वारदात को देखा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन की मेड़ को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते आरोपियों ने घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस रिपोर्ट पर थाना छीपाबड़ोद में प्रकरण संख्या 392/2025 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। इलाज के दौरान फरियादी पक्ष के मुकेश पुत्र रामसिंह भील की मृत्यु हो जाने पर मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारां राजेश चौधरी के सुपरवीजन तथा वृत्ताधिकारी छबड़ा ताराचंद बंशीवाल के निर्देशन में दिग्विजय सिंह पु०नि०, थानाधिकारी थाना छीपाबड़ोद के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोरसिंह पुत्र छोटुलाल उम्र 25 वर्ष, राधेश्याम पुत्र छोटुलाल उम्र 48 वर्ष, दिलराज पुत्र राधेश्याम उम्र 21 वर्ष और चौथमल पुत्र केदारलाल उम्र 43 वर्ष, सभी निवासी बिन्दाराडा थाना छीपाबड़ोद, को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड प्राप्त किया गया है।

इस कार्रवाई में पुलिस टीम में दिग्विजय सिंह पु०नि० के साथ कृष्णमुरारी हैडकानि, अब्दुल वहीद हैडकानि, रामलाल कानि, संतोष कानि, अशोक कानि, राहिल कानि और हंसराज कानि शामिल रहे। बिन्दाराडा की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन से जुड़े विवाद किस तरह कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक परिवार की खुशियां छीन लेते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जा सके।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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