महाराणा लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया शाहबाद घाटी जंगल बचाने की मुहिम का समर्थन
कोटा प्रवास के दौरान शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति ने लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का अभिनंदन किया, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण हेतु हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

कोटा के होटल कंट्रीइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, चम्बल संसद और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महाराणा लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ (लाल परिधान में)।
शाहबाद घाटी के जंगलों को बचाने की मुहिम को उस समय नई मजबूती मिली, जब मेवाड़ राजपरिवार के वर्तमान उत्तराधिकारी महाराणा लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का कोटा प्रवास के दौरान शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां, राष्ट्रीय किसान समन्वय समूह एवं चम्बल संसद कोटा द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। होटल कंट्रीइन, कोटा में आयोजित कार्यक्रम में वे एक धार्मिक आयोजन में भाग लेने पहुंचे थे।
कार्यक्रम में शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के संभागीय संयोजक राजेंद्र कुमार जैन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि चम्बल अंचल, विशेषकर शाहबाद घाटी क्षेत्र, पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। यहां के जंगल, जलस्रोत और जैव विविधता पूरे क्षेत्र के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसान, आदिवासी, श्रमिक और स्थानीय समाज प्रकृति संरक्षण के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
इस दौरान चम्बल संसद के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय, अध्यक्ष के. बी. नंदवाना, संरक्षक जी. डी. पटेल, उपाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह राठौड़, अनिता चौहान, हाड़ौती किसान यूनियन के गिरिराज गौतम, शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के संभागीय प्रभारी राजेंद्र जैन तथा ट्रांसपोर्ट यूनियन के जे. पी. शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया।
कार्यक्रम में शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय किसान समन्वय समूह के राष्ट्रीय संयोजक दशरथ कुमार ने शाहबाद घाटी के जंगलों को बचाने के लिए सहयोग और मार्गदर्शन की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों की रक्षा का प्रयास है।
इस पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शाहबाद घाटी और जंगल संरक्षण से जुड़े सभी तथ्य, दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि विषय को गहराई से समझकर उचित स्तर पर सहयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज, किसान और जनप्रतिनिधि यदि एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में आवाज़ उठाएं, तो सकारात्मक परिणाम अवश्य सामने आते हैं। साथ ही उन्होंने अपने स्तर पर शाहबाद जंगल बचाने के लिए संवाद करने का भरोसा भी दिया।
कार्यक्रम के अंत में चम्बल संसद के संरक्षक बृजेश विजयवर्गीय ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद और समर्थन से शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन को नई ऊर्जा मिलेगी तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहा संघर्ष और अधिक मजबूत होगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
