कोटा। 'मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए कोटा के संजय नगर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। कहकशां मुस्कान संस्थान के तत्वावधान में आयोजित एक विशाल नि:शुल्क नेत्र एवं मेडिकल स्वास्थ्य शिविर ने न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस शिविर में बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि जन-कल्याण के कार्यों की महत्ता सामाजिक विकास में कितनी गहरी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता फारुख राणा और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रदेश सह-संयोजक ईरशाद अली विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिविर के संयोजक और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री आरिफ मंसूरी ने बताया कि इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य जरूरतमंदों को उनके घर के समीप ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ और विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करना था। मुख्य अतिथि छगन माहुर ने संस्थान के सेवाभावी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार 'अंत्योदय' की परिकल्पना को धरातल पर उतार रही है, जहाँ 'सेवा ही संकल्प' के माध्यम से हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को 'विकसित भारत' के संकल्प को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

चिकित्सकीय दृष्टिकोण से यह शिविर अत्यंत सफल रहा, जिसमें अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने लगभग 200 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नेत्र जांच के दौरान 150 लोगों की आंखों की गहन स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 90 नागरिकों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन हेतु चिन्हित किया गया। इसके अतिरिक्त, थायराइड और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के साथ ही रोगियों को आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क वितरित की गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व मंडल अध्यक्ष बृजेश शर्मा, आसिफ भाई, शाहरुख मंसूरी, शाकिर मंसूरी, शाहिद मंसूरी, वसीम मंसूरी, नवनीत सिंह जादौन, अमित गौतम, विशाल सिंह, विशाल नारंग और अक्षय वर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही।

संजय नगर में आयोजित यह शिविर मात्र एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का एक ऐसा संगम बना जिसने सामुदायिक एकजुटता को नया आयाम दिया। जरूरतमंदों को मिली राहत और 'विकसित भारत' की दिशा में बढ़ते कदमों ने इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर प्रेरणा का एक सशक्त केंद्र बना दिया है।

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