कोटा में ‘समर्था’ का निःशुल्क नारी कौशल केन्द्र शुरू, महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
कोटा में “समर्था हर जीवन को नई दिशा” ने निःशुल्क नारी कौशल केन्द्र का शुभारंभ किया। केन्द्र में महिलाओं और बालिकाओं को सिलाई, हस्तकला, व्यक्तित्व विकास व स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

स्वामी विवेकानंद विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एक महिला मंच से संबोधित करते हुए और सामने बैठी छात्राएं।
बारां/कोटा। महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में “समर्था हर जीवन को नई दिशा” द्वारा गुरुवार को स्वामी विवेकानंद विद्यालय, शॉपिंग सेंटर, कोटा में निःशुल्क नारी कौशल केन्द्र का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोद कुमार मल्होत्रा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, कोटा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरु डॉ. श्रीमती विमला डूकवाल तथा कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रानी दाधीच उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी विवेकानंद विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती नीता गौतम ने की।
माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद संस्था की संस्थापक श्रीमती सारिका मित्तल एवं श्रीमती सोनल गोयल ने सभी अतिथियों का दुपट्टा एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।
संस्थापक श्रीमती सारिका मित्तल ने संस्था की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि नारी कौशल केन्द्र पूर्णतः निःशुल्क संचालित किया जाएगा। इसमें बालिकाओं एवं महिलाओं को प्रतिदिन दो घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के अंतर्गत सिलाई, हस्तकला, व्यक्तित्व विकास, स्वरोजगार तथा जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने बताया कि “समर्था” भविष्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा से जुड़े विविध जनकल्याणकारी कार्यक्रम भी संचालित करेगा।
मुख्य अतिथि विनोद कुमार मल्होत्रा ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति महिलाओं के सशक्त होने से ही संभव है। उन्होंने संस्था के इस प्रयास को समाजोपयोगी एवं प्रेरणादायी पहल बताया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. विमला डूकवाल ने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार है। वहीं डॉ. रीना दाधीच ने कहा कि शिक्षा और कौशल का समन्वय महिलाओं को नई पहचान और नए अवसर प्रदान करता है।
उद्बोधन के पश्चात अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नारी कौशल केन्द्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्रीमती सुमित्रा गौतम ने किया। अंत में संस्था की संस्थापक श्रीमती सोनल गोयल ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, समाजसेवियों, महिलाओं, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। निःशुल्क नारी कौशल केन्द्र की शुरुआत महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
