किशनगंज: करवरी खुर्द की मुस्लिम बस्ती में आजादी के 78 साल बाद भी नहीं बनी पक्की सड़क
राजस्थान के किशनगंज क्षेत्र की करवरी खुर्द मुस्लिम बस्ती के लोग आज भी कच्चे और पथरीले रास्तों से आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे आगामी मानसून में संपर्क कटने का खतरा बढ़ गया है।

किशनगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत करवरी कलां के राजस्व ग्राम करवरी खुर्द की मुस्लिम बस्ती को जोड़ने वाला एकमात्र कच्चा मार्ग, जहां डामरीकरण न होने के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आजादी के 78 वर्ष बाद भी किशनगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत करवरी कलां के राजस्व ग्राम करवरी खुर्द की मुस्लिम बस्ती पक्की सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीण आज भी आदिम युग जैसी परिस्थितियों में कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आवाजाही करने को मजबूर हैं। बरसात का मौसम नजदीक आते ही बस्तीवासियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि हर वर्ष बारिश के दौरान यह एकमात्र कच्चा मार्ग गहरे दलदल में तब्दील हो जाता है और पूरी बस्ती का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ और दलदल बनने से एम्बुलेंस तथा अन्य वाहन बस्ती तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। वहीं छोटे बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है और उनका स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि हर चुनाव में सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही इस मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया जाता है। बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी मानसून से पहले मार्ग पर कम से कम ग्रेवल डलवाकर उसे चलने योग्य बनाया जाए तथा स्थायी समाधान के लिए डामर सड़क निर्माण की तकनीकी स्वीकृति और बजट शीघ्र जारी किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मानसून से पहले प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के प्रदेश सचिव लेखराज शर्मा, इमरान अली, अब्दुल गफ्फार, रसीद भाई, शब्बीर मोहम्मद, पटेल सलीम भाई, शरीफ भाई, हलीम भाई, सदाक़त खान, महबूब, अतीक, अब्दुल वाहिद तथा वार्ड पंच मोहम्मद साहित्य सहित अन्य ग्रामीणों ने समय रहते कच्चे सड़क मार्ग का डामरीकरण करवाने की मांग प्रशासन से की है। यह मामला क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Pratahkal Bureau
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