किसानों की बिजली समस्याओं को लेकर राज-सभा का प्रदर्शन, पर्याप्त विद्युत आपूर्ति और स्मार्ट मीटर के दबाव पर उठाई आवाज
बारां जिले की किशनगंज तहसील में बिजली समस्याओं को लेकर राज-सभा ने ज्ञापन सौंपा। किसानों को पर्याप्त बिजली, ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग व्यवस्था में सुधार और स्मार्ट मीटर के दबाव को लेकर उठाई गई मांगों ने क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया है।

किशनगंज तहसील में विद्युत आपूर्ति सुधारने और स्मार्ट मीटर का विरोध करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपते राज-सभा के जिलाध्यक्ष अंशदीप सिंह फौजी (पीली पगड़ी में) व अन्य कार्यकर्ता।
किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं से जुड़ी बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर राजस्थान किसान मजदूर नौजवान सभा (राज-सभा) ने प्रशासन और विद्युत विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष अंशदीप सिंह फौजी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर किसानों को पर्याप्त समय तक बिजली उपलब्ध कराने, ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग व्यवस्था में सुधार करने तथा आमजन पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव नहीं बनाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में बताया गया कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान क्षेत्र में बार-बार बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित होती है। संगठन ने मांग की कि किशनगंज तहसील क्षेत्र में जर्जर खंभों और क्षतिग्रस्त तारों की समय रहते मरम्मत की जाए तथा लगातार होने वाली बिजली कटौतियों पर रोक लगाई जाए, ताकि किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली मिल सके।
राज-सभा के जिलाध्यक्ष अंशदीप सिंह फौजी ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि किशनगंज क्षेत्र के रामगढ़, रेलावन, गरड़ा, बरूनी, बकनपुरा, नाहरगढ़ सहित अधिकांश गांवों में ट्रांसफार्मरों पर उचित तरीके से अर्थिंग की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण करंट संबंधी जोखिम बढ़ने के साथ-साथ कम वोल्टेज की समस्या भी बनी रहती है। संगठन ने मांग की कि सभी ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग व्यवस्था का तकनीकी मानकों के अनुरूप रखरखाव और सुधार कराया जाए।
ज्ञापन में आमजन को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मजबूर नहीं किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि इस संबंध में उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राज-सभा के तहसील अध्यक्ष अंकुश, गंगाराम, अंकित सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर उठाई गई ये मांगें क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं और कृषि कार्यों के सुचारू संचालन से सीधे जुड़ी हुई मानी जा रही हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
