राजस्थान के बारां स्थित किसान भवन में किसान महापंचायत की प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में किसानों की समस्याओं और सरकार की वादाखिलाफी को लेकर कड़े तेवर अपनाते हुए संगठन के विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति पर निर्णायक मुहर लगाई गई। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसान महापंचायत के 20 हजार नए सदस्य बनाए जाएंगे, ताकि किसान शक्ति को एक सूत्र में पिरोकर निर्णायक राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कमेटियों और आयोगों की स्पष्ट सिफारिशों के बावजूद सरकारें फसलों की एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाने के प्रति तनिक भी गंभीर नहीं हैं। जाट ने दो टूक शब्दों में कहा कि खेत को पानी, फसलों के उचित दाम और फसल खराबे का उचित मुआवजा न मिलने के कारण वर्तमान भाजपा सरकार से किसानों का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। वहीं, प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने हाड़ौती और बारां क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाते हुए बताया कि इस बार गेहूं की रिकॉर्ड बुवाई के बावजूद सरकारों ने खरीद लक्ष्य बेहद कम रखे हैं। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया की जटिलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को मजबूरन 400 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा सहकर अपनी उपज मंडियों में बेचनी पड़ रही है।

संगठन के वरिष्ठ सलाहकार गोपाल मोदानी, महामंत्री सुंदर लाल भांवरिया और विरेन्द्रसिंह खैरथल सहित अन्य वक्ताओं ने राजनीतिक दलों की मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया। वक्ताओं ने एकजुट स्वर में कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दल किसानों को असंगठित और अपना पारंपरिक वोट बैंक मानकर उनकी उपेक्षा करते आए हैं। इसी उपेक्षा को समाप्त करने के लिए अब प्रत्येक विधानसभा में 20 हजार सदस्य बनाने का संकल्प लिया गया है। आगामी चुनावों में एमएसपी गारंटी कानून, हर खेत को पानी और युवाओं को रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को आधार बनाकर ही किसान मतदान करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश युवा अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी, बारां से मनजींद्रसिंह अटवाल, जिलाध्यक्ष नरेंद्र चौहान, कोटा संभाग अध्यक्ष बालकिशोर पांचाल और तहसील अध्यक्ष सत्यनारायण मीणा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने किसान शक्ति के इस नए शंखनाद में अपनी पूर्ण सहभागिता दर्ज कराई।

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