खेडिया के बाग हनुमान मंदिर में 21 कुण्डीय महायज्ञ और श्रीरामकथा की तैयारियां पूर्ण
कोटा-बारां हाईवे पर 19 से 25 मई तक आयोजित होने वाले धार्मिक महोत्सव के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई और कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे गए।

खेडिया के बाग हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले महायज्ञ और श्रीरामकथा महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में उपस्थित आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य।
कोटा-बारां राष्ट्रीय राजमार्ग पर बडवा और गोविन्दपुरा के मध्य स्थित ऐतिहासिक खेडिया के बाग वाले हनुमान मंदिर परिसर में 19 से 25 मई तक आयोजित होने वाले 21 कुण्डीय महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीरामकथा महोत्सव की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। क्षेत्र की खुशहाली, अमन-चैन और पर्यावरण शुद्धि के उद्देश्य से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव को लेकर रविवार को संपूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महायज्ञ समिति के अध्यक्ष बाबूलाल मालव ने कार्यकर्ताओं को सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश देते हुए अलग-अलग दायित्व सौंपे। इस दौरान स्वर्ण कलश, रजत कलश, धर्मध्वजा और पोथी धारण सहित प्रमुख धार्मिक दायित्वों की बोली भी शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न करवाई गई।
मार्गदर्शन मंडल के सदस्य आचार्य परमानंद ने बताया कि विशाल पाण्डाल और भव्य यज्ञशाला पूरी तरह सजकर तैयार हैं। महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 18 मई को प्रातः साढ़े सात बजे बडवा, गोविन्दपुरा और जयनगर से एक साथ निकलने वाली भव्य कलशयात्राओं के साथ होगा। तीनों दिशाओं से प्रस्थान करने वाली जलयात्राओं का यज्ञ स्थल पर संगम अलौकिक त्रिवेणी मिलन का दृश्य प्रस्तुत करेगा।
यह संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान श्री श्री 1008 सर्वेश्वरदास त्यागी महामंडलेश्वर के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न होगा। प्रधान हवनकुण्ड की बोली महावीर मीणा टारडा वालों के नाम रही। महायज्ञ में इटावा के सुप्रसिद्ध यज्ञाचार्य दीपक जी गौतम एवं विद्वान पंडितों की टोली प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रधान कुण्ड सहित कुल 21 कुण्डों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दिलवाएगी।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक उज्जैन के प्रख्यात कथावाचक श्याम जी महाराज संगीतमय श्रीरामकथा की अमृतवर्षा करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार इस भक्ति महोत्सव में आसपास के लगभग 51 गांवों से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और सामाजिक एकता के संगम के रूप में आयोजित यह महायज्ञ और श्रीरामकथा महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनने जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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