बारां जिले के कवाई स्थित आदर्श विद्या मंदिर में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत की शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती अनीता सेन के प्रवास के दौरान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आचार्य दीदी एवं अभिभावकों को विद्या भारती की शिशु वाटिका की कार्यपद्धति, उसके उद्देश्यों तथा शिशु के समग्र विकास में उनकी भूमिका से परिचित कराना रहा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य चौथमल शर्मा एवं सचिव मनोज कुमार गौतम ने बताया कि संवाद कार्यक्रम के माध्यम से परिवार और विद्यालय के समन्वित प्रयासों के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती अनीता सेन ने कहा कि परिवार और विद्यालय के समन्वय से ही शिशु का समग्र विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि विद्या भारती की शिशु वाटिका केवल प्रारंभिक शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि संस्कार, स्नेह, सृजनशीलता और व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने शिशु की भारतीय संकल्पना से उपस्थितजनों का परिचय कराते हुए बताया कि खेल, गीत, कथा, गतिविधियों तथा भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बालकों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास का समन्वित प्रयास किया जाता है।

इस अवसर पर विद्या भारती के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों एवं शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन एवं शांति मंत्र के साथ हुआ। विद्यालय के प्रचार प्रमुख अंकुर शर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि संवाद कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों और आचार्य दीदी को शिशु शिक्षा एवं संस्कार आधारित शिक्षण पद्धति के विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया।

Pratahkal Bureau

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