जैन तीर्थ की तृतीय वर्षगांठ पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्री जय त्रिभुवन विमल विहार तीर्थधाम में सम्पन्न हुआ चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव
बारां के श्री जय त्रिभुवन विमल विहार तीर्थधाम में तृतीय वर्षगांठ पर चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष पूजन और भव्य वरघोडे ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ा।

बारां के निकट श्री जय त्रिभुवन विमल विहार तीर्थधाम की तृतीय वर्षगांठ पर आयोजित चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते श्रद्धालु और ट्रस्टीगण।
कोटा-बारां राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ग्राम बमूलिया के निकट स्थित श्री जय त्रिभुवन विमल विहार तीर्थधाम शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के अद्भुत वातावरण से सराबोर रहा। तीर्थ की तृतीय वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म प्रभावना का संदेश दिया।
तीर्थधाम में तीन वर्ष पूर्व सम्पन्न हुए ऐतिहासिक अंजनशलाका प्रतिष्ठा महामहोत्सव की स्मृति में आयोजित इस विशेष समारोह के तहत दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक प्रकाश भाई संघवी सिरोडीवाला एवं जैन तीर्थ सचिव राजेन्द्र रंगावत ने बताया कि वर्षगांठ समारोह को भव्य और आध्यात्मिक स्वरूप देने के लिए विशेष पूजा-विधानों की श्रृंखला आयोजित की गई।
प्रातः 6:30 बजे स्नात्र पूजा के साथ कार्यक्रमों का शुभारम्भ हुआ। इसके पश्चात 18 अभिषेकों से युक्त विशेष पूजा-विधान सम्पन्न कराया गया, जिसमें विराजमान प्रतिमाओं का 18 प्रकार की औषधियों एवं पवित्र द्रव्यों से मंगल अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के दौरान प्रतिमाओं को विभिन्न मुद्राओं का दर्शन कराया गया तथा परमात्मा के जन्मकल्याणक प्रसंग का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया तथा बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने माता-पिता स्वरूप धारण कर परमात्मा को सूर्य एवं चंद्र स्वप्नों के दर्शन कराए।
प्रातः 9:30 बजे सत्तरभेदी पूजन के अंतर्गत नवमी ध्वज पूजा का आयोजन हुआ। भक्ति संगीत, मंगल ध्वनि और धार्मिक जयघोषों के बीच अष्टप्रकारी पूजन, दशों दिशाओं का पूजन, ध्वजदंड एवं कलश पूजन सम्पन्न कराया गया। इसके बाद मंदिर शिखर पर नई ध्वजा विधिवत चढ़ाई गई। ध्वजारोहण के लाभार्थी एवं तीर्थ के संस्थापक प्रमोद जैन भाया-उर्मिला जैन, यश जैन भाया, पारख कोठारी परिवार, समस्त ट्रस्टीगण तथा सकल श्रीसंघ बारां रहे।
ध्वजारोहण के उपरांत भव्य वरघोडा निकाला गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके पश्चात श्रीसंघ के लिए स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों का समापन सायंकाल आरती, मंगल दीपक, शांति कलश एवं क्षमापना कार्यक्रम के साथ हुआ।
कार्यक्रम का विधि-विधान विवेक जैन (इंदौर), संगीत संयोजन अक्षत भाई (अहमदाबाद) तथा पूजा विधान राजेश जी पुजारी द्वारा सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर अक्षत बघेला, विनय जैन सहित बारां एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ट्रस्टीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
तीर्थ की तृतीय वर्षगांठ पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और जैन परंपराओं के संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा, जिसने श्रद्धालुओं के बीच धर्म एवं संस्कारों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

Pratahkal Bureau
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