बारां। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए इनरव्हील क्लब बारां के तत्वावधान में राजकीय महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को घरेलू उद्योगों से जुड़ी व्यावहारिक विधाओं से परिचित कराना और उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इनरव्हील क्लब अध्यक्ष नीतू गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कुकिंग, हैंडमेड ज्वेलरी, पारंपरिक गिफ्ट पैकिंग तथा क्रोशिया जैसी विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इन विधाओं से जुड़ी स्थानीय महिलाओं ने विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करते हुए घर बैठे रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय यदि युवा घरेलू उद्योगों और स्वरोजगार के अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित करें, तो वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं बल्कि समाज में नई पहचान भी स्थापित कर सकते हैं।

प्रशिक्षण सत्र में बारां की संगीता कासलीवाल ने घर पर तैयार किए जाने वाले मीठे और नमकीन व्यंजनों के माध्यम से अपनी सफलता की यात्रा साझा की। वहीं लवली खंडेलवाल ने हैंडमेड ज्वेलरी डिजाइनिंग के जरिए घर से ही रोजगार शुरू करने की प्रक्रिया और बाजार संभावनाओं की जानकारी दी। श्वेता मित्तल ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुड़ी गिफ्ट पैकिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जो सेवाएं पहले कोटा जैसे बड़े शहरों तक सीमित थीं, वे अब बारां में ही उपलब्ध हो रही हैं। मनीषा गोयल ने प्राचीन क्रोशिया विधा के माध्यम से घर बैठे श्रीजी के वस्त्र निर्माण की तकनीक से विद्यार्थियों को परिचित कराया।

इनरव्हील क्लब की बिंदु मारू ने कहा कि इन गतिविधियों को घरेलू उद्योग के रूप में अपनाकर पुरुष और महिलाएं दोनों आत्मनिर्भर बन सकते हैं और सम्मानजनक जीवनयापन कर सकते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में त्रिशला जैन और चित्रा जैन की विशेष भूमिका रही, वहीं महाविद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

यह प्रशिक्षण शिविर न केवल विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास का माध्यम बना, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करने वाला साबित हुआ।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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