बारां में रंगोली के रंगों से उकेरी गई जीवन की सुरक्षा, विद्यार्थियों ने दिया यातायात नियमों का अनूठा संदेश
बारां में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत आयोजित भव्य रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का अनूठा संदेश दिया। डॉ. कल्पना शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में माहेश्वरी और इंडियन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने हेलमेट और सीट बेल्ट की महत्ता को रंगों के जरिए समझाया। जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में बारां की यह एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है।

बारां। सड़कों पर बढ़ते हादसों के बीच जीवन की अनमोलता को समझाने के लिए जब नन्हे हाथों ने रंगोली के रंग थामे, तो सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन के दिलों तक पहुंच गया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के पावन उपलक्ष्य में बारां जिले ने बुधवार को जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की। जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा आयोजित इस विशेष रंगोली प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के आंगन केवल रंगों से ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के संकल्पों से भी सराबोर नजर आए।
यह गरिमामयी कार्यक्रम जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। बारां के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, जिनमें माहेश्वरी पब्लिक स्कूल छीपाबड़ौद और इंडियन पब्लिक स्कूल छिनोद सहित कई राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल थे, वहां के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए यातायात की जटिल बारीकियों को बेहद सरल ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी कला के माध्यम से हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट का महत्व, तेज रफ्तार के जानलेवा परिणामों और सुरक्षित सड़क व्यवहार जैसे ज्वलंत विषयों पर मार्मिक चित्र उकेरे।
कार्यक्रम की गंभीरता को बढ़ाते हुए एनजीओ सदस्य हरीश कुमार एवं रघुवीर ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उन्हें यातायात नियमों की विस्तृत और तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे न केवल स्वयं इन नियमों का पालन करें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। इस रचनात्मक महाकुंभ में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया, जिनकी कलाकृतियां देख उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध रह गया।
समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय के निदेशक पवन शर्मा ने पधारे हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना जागृत करना है। इस तरह की गतिविधियां न केवल जागरूकता फैलाती हैं, बल्कि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होती हैं। बारां जिले में हुआ यह आयोजन आज चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जो यह सिखाता है कि जागरूकता के रंग ही जीवन की राह को सुरक्षित बना सकते हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
