बारां। राजस्थान के बारां जिले की धरा रविवार को उस समय भगवा रंग में रंग गई और जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सर्व हिंदू समाज द्वारा भव्य 'विराट हिंदू सम्मेलन' का शंखनाद किया गया। शिवाजी नगर स्थित हनुमत धाम, मनोहर घाट पर आयोजित इस समागम ने न केवल क्षेत्र की धार्मिक एकजुटता को प्रदर्शित किया, बल्कि राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता की एक नई इबारत भी लिखी।

आयोजन का आगाज सुसावन बस्ती से बाल शिव वैष्णव महाराज की भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जब श्री हनुमत धाम पहुंची, तो श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम स्थल पर संत शिव वैष्णव महाराज ने अपनी सुमधुर भजनों और संगीतमय कथा से उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में भारत के स्वर्णिम अतीत का स्मरण कराते हुए कहा कि जिस गति से हमारा राष्ट्र प्रगति पथ पर अग्रसर है, वह दिन दूर नहीं जब भारत पुनः विश्व का सिरमौर बनेगा। उन्होंने संयुक्त परिवार की परंपरा को जीवित रखने और समाज को संगठित करने पर विशेष जोर दिया, साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि हिंदू समाज समय रहते जागृत नहीं हुआ, तो भविष्य की चुनौतियां विकट हो सकती हैं।

सम्मेलन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर हीरालाल कामेलिया ने की। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (स्वाति) के सह जिला कार्यवाह ताराचंद वर्मा ने हिंदू समाज की एकता, अखंडता और समरसता को वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि समाज की शक्ति उसके संगठन में निहित है, इसलिए मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना अनिवार्य है।

मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के राधेश्याम सहरिया और महिला शक्ति का गौरव बढ़ा रहीं श्रीमती उर्मिला शर्मा विराजमान रहीं। अतिथियों ने साझा विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी मेलजोल बढ़ता है और सांस्कृतिक जड़ें मजबूत होती हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोज शर्मा द्वारा किया गया, जबकि संयोजक ने उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया।

इस विराट आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के प्रमुख मनीष अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा, श्याम मेहता, विकास गुप्ता, भरत पोरवाल, विनय गुप्ता, हरिप्रकाश गुर्जर और हरिराम गुर्जर सहित भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र रक्षा और सामाजिक एकता के अटूट संकल्प के साथ हुआ, जिसने बारां के जनमानस में राष्ट्रभक्ति का नया जोश भर दिया है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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