बारां/शाहाबाद। राजस्थान के बारां जिले में सहरिया आदिवासी समुदाय के लिए चिकित्सा सेवाओं का अभाव अब तेजी से कम होता दिखाई दे रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले सहरिया परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट गांव-गांव पहुंच रही है, जहां अनुभवी चिकित्सकों की टीम निःशुल्क उपचार प्रदान कर रही है। इस पहल ने उन इलाकों में राहत का नया अध्याय लिखा है, जहां बीमारी का उपचार अक्सर दूरी और संसाधनों की कमी से अधूरा रह जाता था।

शाहाबाद और किशनगंज ब्लॉक के सहरिया बाहुल्य गांवों में आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों में दाद, खुजली, सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें विशेष रूप से महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय है, जिन्हें गुप्त एवं स्त्री रोगों से संबंधित समस्याओं का भी समुचित उपचार मिल रहा है। शिविरों में मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां पूरी तरह मुफ्त वितरित की जा रही हैं।

संकल्प सोसाइटी मामोनी के चेयरमैन नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि एसबीआई सिक्योरिटीज के सहयोग से लगातार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे सहरिया समुदाय को नियमित और विश्वसनीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें। क्षेत्र में कार्यरत फिरोज खान ने बताया कि प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौके पर ही बीपी, शुगर सहित अन्य प्राथमिक जांच कर तुरंत उपचार उपलब्ध करा रहा है।

8 दिसंबर को शाहाबाद के ग्राम खेराई में आयोजित शिविर में डॉ. राहुल मेहता ने 121 मरीजों की जांच कर उपचार किया। नर्सिंग ऑफिसर दिनेश राठौर ने बीपी और शुगर परीक्षण कर दवाइयों का वितरण किया। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं चंदालाल भार्गव, रामनिवास सहरिया और कन्हैयालाल चंदेल ने मरीजों का पंजीकरण और वजन मापन का कार्य संभाला, जबकि मां-बाड़ी डे केयर केंद्र के स्टाफ ने सहयोग प्रदान किया। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे दूर-दराज गांवों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ा रहा है, बल्कि सहरिया समुदाय के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।बारां/शाहाबाद। राजस्थान के बारां जिले में सहरिया आदिवासी समुदाय के लिए चिकित्सा सेवाओं का अभाव अब तेजी से कम होता दिखाई दे रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले सहरिया परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट गांव-गांव पहुंच रही है, जहां अनुभवी चिकित्सकों की टीम निःशुल्क उपचार प्रदान कर रही है। इस पहल ने उन इलाकों में राहत का नया अध्याय लिखा है, जहां बीमारी का उपचार अक्सर दूरी और संसाधनों की कमी से अधूरा रह जाता था।

शाहाबाद और किशनगंज ब्लॉक के सहरिया बाहुल्य गांवों में आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों में दाद, खुजली, सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें विशेष रूप से महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय है, जिन्हें गुप्त एवं स्त्री रोगों से संबंधित समस्याओं का भी समुचित उपचार मिल रहा है। शिविरों में मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां पूरी तरह मुफ्त वितरित की जा रही हैं।

संकल्प सोसाइटी मामोनी के चेयरमैन नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि एसबीआई सिक्योरिटीज के सहयोग से लगातार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे सहरिया समुदाय को नियमित और विश्वसनीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें। क्षेत्र में कार्यरत फिरोज खान ने बताया कि प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौके पर ही बीपी, शुगर सहित अन्य प्राथमिक जांच कर तुरंत उपचार उपलब्ध करा रहा है।

8 दिसंबर को शाहाबाद के ग्राम खेराई में आयोजित शिविर में डॉ. राहुल मेहता ने 121 मरीजों की जांच कर उपचार किया। नर्सिंग ऑफिसर दिनेश राठौर ने बीपी और शुगर परीक्षण कर दवाइयों का वितरण किया। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं चंदालाल भार्गव, रामनिवास सहरिया और कन्हैयालाल चंदेल ने मरीजों का पंजीकरण और वजन मापन का कार्य संभाला, जबकि मां-बाड़ी डे केयर केंद्र के स्टाफ ने सहयोग प्रदान किया। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे दूर-दराज गांवों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ा रहा है, बल्कि सहरिया समुदाय के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

Pratahkal Newsroom

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