बारां/कोटा। हाड़ौती के कोटा-बूंदी-बांरा-झालावाड़ के सभी पर्यटन स्थलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं। कोटा के सीएडी सभागार में संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल की अध्यक्षता में संभागीय पर्यटन विकास समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बारां से बैठक में सम्मिलित हुए हरिओम अग्रवाल ने बताया कि कोटा, बूंदी, बांरा और झालावाड़ के समस्त विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से कोटा विकास प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, महासचिव संदीप पाडिया, कार्यकारिणी सदस्य अभिनव चतुर्वेदी, बांरा इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, इंटेक के कन्वीनर जितेंद्र शर्मा, हर्षित अग्रवाल, बूंदी जिले के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी, झालावाड़ इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह झाला, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विकास पांडे, सहायक निदेशक संदीप श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी एवं वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक सुगनाराम जाट इत्यादि उपस्थित थे।

पर्यटन विकास हेतु सुझाव एवं आगामी सीजन की रणनीति

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि "कोटा में इंडियन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की स्थापना एवं बांरा जिले में पर्यटन मुख्यालय खोला जाए।" उन्होंने विस्तार से बताया कि "हाड़ौती के कोटा-बूंदी-बांरा-झालावाड़ के पर्यटन स्थलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करने के लिए सभी विभागों द्वारा समावेश बनाकर इसको गति प्रदान करने की आवश्यकता है।" माहेश्वरी ने रेखांकित किया कि कोटा में पिछले दिनों लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे आने वाले पर्यटक सीजन जुलाई से मार्च तक भारी मात्रा में पर्यटक आने की संभावना है। कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के बाद कोटा में आए 26 राज्यों के टूर ऑपरेटरों द्वारा आगामी सीजन हेतु बनाई गई आइटनरी के पैकेज के अनुसार दो दिन कोटा और एक-एक दिन बूंदी, बांरा व झालावाड़ को शामिल किया गया है, अतः हमें हमारे संभाग के सभी पर्यटन स्थलों में व्याप्त खामियों को दुरुस्त करना होगा।

चंबल सफारी और मुकुंदरा टाइगर रिजर्व का सुदृढ़ीकरण

फेडरेशन के महासचिव संदीप पाडिया ने पर्यटकों की सुविधाओं पर जोर देते हुए कहा कि "चंबल सफारी में सफारी करने आने वाले पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया और मूलभूत सुविधाओं के लिए एक बड़ा स्थल विकसित किया जाना चाहिए, साथ ही इसमें नावों की संख्या बढ़ानी होगी, इसमें क्रूज भी चलाया जाना चाहिए और इसे जवाहर सागर तक बढ़ाया जाना चाहिए।" उन्होंने आगे सुझाव दिया कि "मुकुंदरा टाइगर रिजर्व अभ्यारण में नियमित रूप से सफारी और इसकी ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जानी चाहिए तथा गडरिया महादेव में भी आने वाले पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया और इसके मार्ग को दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।" इन सुझावों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य वन संरक्षक सुगनाराम जाट ने जानकारी दी कि "मुकुंदरा के कोर एरिया में सफारी की अनुमति आ चुकी है, शीघ्र ही तीन नए मार्ग सफारी के लिए खोले जाएंगे, साथ ही एक और नया मार्ग दरा की नाल से भी खोले जाने के प्रयास चल रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि "चंबल सफारी में भी नावों की संख्या बढ़ाई जाएगी, साथ ही मुकुंदरा अभ्यारण में अभी पांच कंटेनर गाड़ियां और मंगाई गई हैं और आगे भी कंटेनरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।"

बूंदी, बांरा और झालावाड़ के ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार

बूंदी होटल फेडरेशन के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी ने स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए कहा कि "बूंदी के जेतसागर झील में कुंभी को हटाने के लिए एक मशीन स्थाई तौर पर लगाई जाए, वहीं यहां पर स्थाई रूप से नौकायन शुरू किया जाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि "इसी के साथ एक चौपाटी की स्थापना भी की जाए ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके एवं रामगढ़ अभ्यारण में सफारी के लिए जो मार्ग बने हुए हैं उनको भी दुरुस्त किया जाना समय की दरकार है।" बांरा इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, इंटेक कन्वीनर जितेंद्र शर्मा व हर्षित अग्रवाल ने बांरा की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि "बांरा के रामगढ़ क्रेटर भंड देवरा, शेरगढ़ किला, सोरसन अभ्यारण, किशनगंज में विलास, नाहरगढ़ में लाल किला तथा छीपाबड़ौद के समीप काकोनी मंदिर एवं शाहबाद के किले जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के रखरखाव के अभाव में वहां पर कई खामियां व्याप्त हैं, यहां पिछले कई वर्षों से विकास कार्य लंबित पड़े हुए हैं जिन्हें पुनः चालू कर उन्हें पूर्ण विकसित किया जाना चाहिए।" झालावाड़ के संदर्भ में अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह झाला ने मांग की कि "गागरोन फोर्ट के रास्ते को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए एवं गागरोन फोर्ट के बाहर हो रहे अतिक्रमण को भी हटाया जाए, साथ ही कोलवी की गुफाओं को भी विकसित किया जाना चाहिए।" इस अवसर पर केडीए आयुक्त ममता तिवारी ने बताया कि "केशोरायपाटन कॉरिडोर का काम चल रहा है वहां स्थित रंगपुर साइट पर गेस्ट हाउस विकसित करने की योजना है।"

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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