बारां/अंता: कृषि विज्ञान केंद्र, अंता-बारां में आज कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के विषय पर आयोजित तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. आनंदी लाल मीतलना, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, बारां ने किया। कार्यक्रम में उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के महत्व और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मनोज कुमार पुरवागोला, अधीक्षण अभियंता, वाटरशेड विभाग, बारां उपस्थित रहे। उन्होंने जलागम विकास कार्यक्रमों की उपयोगिता और कृषि में जल प्रबंधन की अहमियत पर विस्तृत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का परिचयात्मक वक्तव्य और प्रशिक्षण की रूपरेखा डॉ. बनवारी लाल शाह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र अंता-बारां ने प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शाहबाद, छीपाबड़ोद और किशनगंज विकासखंडों के कुल 50 किसान भाग ले रहे हैं। तीन दिनों की अवधि में कुल 12 तकनीकी व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, साथ ही किसानों के लिए प्रक्षेत्र भ्रमण (फार्म विज़िट) भी आयोजित किया जाएगा, ताकि उन्हें व्यवहारिक और प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त हो सके।

प्रथम दिवस के तकनीकी सत्र में डॉ. धनराज मीणा, कृषि अधिकारी, कृषि विभाग, बारां ने आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन और उत्पादन वृद्धि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। इसके साथ ही डॉ. योगेंद्र मीणा, निदेशक, प्रसार शिक्षा, कृषि विश्वविद्यालय कोटा ने कृषि विस्तार सेवाओं को सशक्त बनाने और किसान–वैज्ञानिक संवाद के महत्व पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का समापन डॉ. टी. सी. वर्मा, प्राध्यापक, कीट विज्ञान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. गीतिका शर्मा, विषय विशेषज्ञ (गृह विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र अंता-बारां ने कुशलतापूर्वक संभाला। इस कार्यक्रम से किसान समुदाय को न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिली, बल्कि जल संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य में सुधार के प्रभावी उपायों को अपनाने की प्रेरणा भी मिली।

यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बारां जिले के कृषि क्षेत्र में ज्ञानवर्धन और सतत् कृषि प्रथाओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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