बारा कॉलेज में ऊर्जा संरक्षण का संदेश, जनजातीय गौरव दिवस पर सहरिया संस्कृति की रंगोलियों ने मोहा मन
विद्यार्थियों ने स्विच ऑफ आवर के तहत बिजली बचाने की शपथ ली और रंगोली के जरिए बारा की सहरिया जनजाति की परंपराओं को प्रदर्शित किया।

राजकीय महाविद्यालय बारा की छात्राएं जनजातीय संस्कृति पर आधारित रंगोली बनाते हुए दिख रही हैं।
राजकीय महाविद्यालय बारा में ऊर्जा संरक्षण और जनजातीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। मिशन लाइफ के अंतर्गत ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के अवसर पर ऊर्जा संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहीं जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के तहत दोपहर 4 से 5 बजे तक स्विच ऑफ आवर आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को बिजली का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करने और ऊर्जा की अनावश्यक बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को कक्षाएं छोड़ते समय लाइट और पंखे बंद करने, चार्जिंग पॉइंट के स्विच ऑफ रखने तथा अनावश्यक रूप से जल रहे बल्बों को बंद करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने ऊर्जा संरक्षण और भावी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए बिजली की बर्बादी नहीं करने की शपथ भी ली।
इसके साथ ही 1 से 15 नवंबर तक मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से भारत की जनजातीय संस्कृति और विशेष रूप से बारा क्षेत्र की सहरिया जनजाति की परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं गौरव को दर्शाया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दीपक मेहरा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया और जनजातीय विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रो. भावना मीणा, प्रो. शुभांगी जैन, प्रो. नीलाक्षी शर्मा, प्रो. अनीता, प्रो. लीनता अरोड़ा एवं प्रो. हिमानी भाटिया उपस्थित रहीं। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को ऊर्जा की बचत के साथ जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
