बारां/केलवाड़ा। राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विद्युतीकरण को सुदृढ़ करने की दिशा में रविवार को बारां जिला एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई देते हुए किशनगंज-शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में 23.22 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से स्वीकृत सात नवीन 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशनों (जीएसएस) का विधिवत शिलान्यास किया। मंत्री नागर का यह दौरा न केवल ढांचागत विकास के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के जीवन में निर्बाध बिजली के उजियारे की नई उम्मीद जगा दी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर स्थानीय विधायक ललित मीणा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र की विद्युत समस्याओं के समाधान हेतु इन परियोजनाओं को मील का पत्थर बताया।

शिलान्यास समारोह के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने विकास की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सिमलोद में 2.92 करोड़, दुर्जनपुरा में 3.06 करोड़, सुवास में 3.28 करोड़, छीनोद में 3.19 करोड़, संदूकड़ा में 4.88 करोड़, दुआ में 3.49 करोड़ और बांसथूनी में 2.40 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले जीएसएस की आधारशिला रखी। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे अब निर्माण कार्य तीव्र गति से धरातल पर उतरेगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन जीएसएस के चालू होने के बाद ट्रांसमिशन के दौरान होने वाली बिजली की छीजत में भारी कमी आएगी, जिससे विद्युत विभाग को प्रति वर्ष लगभग 61.98 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी। यह कदम न केवल राजस्व की बचत करेगा, बल्कि पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

शिलान्यास कार्यक्रमों के पश्चात ऊर्जा मंत्री का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। मंत्री नागर ने केलवाड़ा में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शिरकत कर युवाओं का उत्साहवर्धन किया और तत्पश्चात किराड समाज धर्मशाला में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित किया। विधायक ललित मीणा ने ऊर्जा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन ग्रिड स्टेशनों के बनने से सीगरी, शाहपुरा, श्रीपुरा, सीमलोद, खोखन, महोदरी, नायान, कनोटिया, मोयदा, दुर्जनपुरा, लकडडाई, ढोब, गीगचा, बांदीपुरा, मामली, पथरी, सुवांस, बांझ आमली, करवरी कलां, करवरी खुर्द, बनदरपुरा, जैतपुरा, रुंडी, नयागांव, चंद्रपुरा, पीपलखेड़ी, लेहरौनी, मिसाइ, इकलेरा, छीनोद, रकसपुरिया, बोलाखेड़ा, कागला बमोरी, मिसाई डांडा, इकलेरा डांडा, संदोकड़ा, भरौली, सेमली, बसेली, सूखा सेमली, बहराइ, कालीमोटी और बांसथूनी जैसे दर्जनों गांवों के किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को अब ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से स्थाई मुक्ति मिलेगी। यह परियोजना बारां के ग्रामीण अंचल में आर्थिक और सामाजिक समृद्धि के एक नए युग का सूत्रपात करने जा रही है।

Pratahkal Bureau

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