देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर बारां जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भावुक नजर आए। अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने न केवल उनके राजनीतिक और प्रशासनिक योगदान को याद किया, बल्कि अपने जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रसंग भी साझा किया, जिसने सभा में मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया।

मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि आज देश के गांव-गांव में सड़कों का जो मजबूत नेटवर्क दिखाई देता है, वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अटल जी के प्रधानमंत्री बनने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें नहीं के बराबर थीं, लेकिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से उन्होंने देश के हर गांव को सड़क से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। दिलावर ने कहा कि आज शायद ही कोई ऐसा गांव हो, जहां सड़क न पहुंची हो।

किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए मंत्री दिलावर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को खेती के लिए 18 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था, जिससे वे कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड योजना को पूरे देश में लागू किया गया, जिसके तहत किसानों को मात्र चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली और कृषि व्यवस्था को मजबूती मिली।

सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अटल बिहारी वाजपेयी को अजातशत्रु बताते हुए कहा कि वे देश-विदेश में समान रूप से लोकप्रिय थे। उन्हें सुनने के लिए लोग 700 से 800 किलोमीटर दूर से आया करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कई नेता भी अटल जी के ओजस्वी भाषणों को सुनने पहुंचते थे, जो उनकी सर्वस्वीकृत राजनीतिक छवि को दर्शाता है।

अपने निजी अनुभव साझा करते हुए मंत्री दिलावर ने कहा कि वे स्वयं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हैं, जिन्हें अटल बिहारी वाजपेयी का सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने भावुक स्वर में बताया कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य था कि उन्हें पहली बार विधायक का टिकट अटल जी की कलम से मिला। उन्होंने अपने पहले चुनाव का जिक्र करते हुए बताया कि जब राजस्थान से पार्टी प्रत्याशियों की सूची गई थी, तब उसमें उनका नाम शामिल नहीं था। किसी अधिकारी ने जब अटल जी के सामने सूची रखी, तो उन्होंने पूछा कि “अटरू मटरू कहां है।” जब राजस्थान के नेताओं ने बताया कि अटरू बारां जिले की विधानसभा है, तो अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि वहां एक लड़का है दिलदार, उसका नाम सूची में क्यों नहीं है। अटल जी ने निर्देश दिया कि उसका नाम सूची में जोड़ा जाए, और उसी निर्णय के कारण उन्हें पहली बार पार्टी का टिकट मिला।

मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के उस आशीर्वाद का ही परिणाम है कि वे आज जनता की सेवा कर पा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अटल जी उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे, लेकिन उनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व क्षमता ने एक युवा कार्यकर्ता को अवसर प्रदान किया।

यह उद्गार मंत्री दिलावर ने मंडाना मंडल में राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर निकाली गई विकास रथ यात्रा की शुरुआत के दौरान डोबड़ा गांव में आयोजित अटल स्मृति सभा में व्यक्त किए। सभा स्थल पर पहुंचकर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके बाद सभा में उपस्थित अन्य नेताओं और ग्रामीणों ने भी अटल जी को श्रद्धांजलि दी।

इसके पश्चात विकास रथ यात्रा पदमपुरा, डड़वारा, भांवरिया, सोहनपुरा होते हुए मोहनपुरा पहुंची। प्रत्येक गांव में आयोजित सभाओं के दौरान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाया। कार्यक्रम ने न केवल अटल जी की स्मृतियों को ताजा किया, बल्कि उनके द्वारा स्थापित विकास और सुशासन की विरासत को भी रेखांकित किया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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