भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन और स्वदेशी पर जोर: डॉ. मोहन लाल साहू
भारतीय इतिहास संकलन योजना के माध्यम से विकृतियों को दूर करने, सांस्कृतिक चेतना जगाने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग द्वारा सशक्त भारत निर्माण पर दिया गया बल।

भारतीय इतिहास संकलन योजना के क्षेत्रीय संगठन सचिव डॉ. मोहन लाल साहू एक संगोष्ठी के दौरान इतिहास के पुनर्लेखन और स्वदेशी के महत्व पर अपना संबोधन देते हुए।
भारतीय इतिहास में विद्यमान विकृतियों को दूर करने और सनातनी इतिहास के पुनर्लेखन की वर्तमान समय में अति आवश्यकता को रेखांकित करते हुए भारतीय इतिहास संकलन योजना के क्षेत्रीय संगठन सचिव डॉ मोहन लाल साहू ने कहा कि इतिहासकारों का सशक्त भारत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
डॉ एम एल साहू ने बताया कि पाश्चात्य इतिहासकारों द्वारा इतिहास से की गई छेड़खानी को भारतीय इतिहासकारों ने सही दिशा देने का कार्य किया है और वे धरातल स्तर से सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में भारतीय इतिहास संकलन योजना के माध्यम से जिला स्तर पर संगोष्ठियों, परिचर्चाओं एवं विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इतिहास के सही तथ्यों को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने आगे उल्लेख किया कि संघ के पंच परिवर्तन के कार्यों से वर्तमान समय में भारतीय समाज को नई दिशा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को आवश्यक बताया तथा परंपरागत उद्योग-धंधों को प्रोत्साहन देने की बात कही, जिससे एक सशक्त एवं समर्थ भारत का निर्माण संभव हो सके।
इस प्रकार इतिहास के पुनर्लेखन, सांस्कृतिक चेतना और स्वदेशी विचारों के प्रसार के माध्यम से एक मजबूत राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रयासों को गति देने पर बल दिया गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
