बारां शहर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसभा के दौरान पत्रकार दीपांशु गेरा के साथ कथित दुर्व्यवहार और उन्हें सभा में प्रवेश नहीं दिए जाने का मामला अब सामाजिक स्तर पर भी उठने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुरेश मेघवाल ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए इसे संवैधानिक मौलिक अधिकारों के विरुद्ध बताया है।

डॉ. सुरेश मेघवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार भारतीय समाज के दर्पण होते हैं। वे शासक और प्रशासन की निरंकुशता पर अंकुश लगाने के साथ समाज को दिशा देने का काम करते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से जनता के हित में किए गए लोककल्याणकारी कार्यों को जनता के सामने लाने की स्वतंत्रता पत्रकारों को मिली हुई है। किसी भी राजनीतिक सभा और घटनाओं की कवरेज करने, जानकारी जुटाकर सरकार और प्रशासन की कमियों की आलोचना करने, शांतिपूर्ण जुलूस निकालने तथा नारे लगाने को संविधान के तहत अपराध नहीं माना गया है। यह पत्रकार का अधिकार है।

हाल ही बारां शहर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनहित के लिए विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। इसमें पत्रकार दीपांशु गेरा को सभा में नहीं जाने दिया गया और कुछ सुरक्षा बल के द्वारा अव्यवहारिक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया गया। इससे आहत होकर दीपांशु गेरा ने अनशन धरना देकर जिला प्रशासन से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

डॉ. सुरेश मेघवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिले में पत्रकार दीपांशु गेरा के साथ हुए ऐसे दुर्व्यवहार से आम जनता भी आहत है और जनता में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि पत्रकार को न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए सभी सामाजिक संगठन और कार्यकर्ता उनके साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं।

डॉ. सुरेश मेघवाल ने जिला प्रशासन से शीघ्र पत्रकार को न्याय दिलाने का निवेदन किया, ताकि संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन न हो सके। पत्रकार के साथ हुई घटना को लेकर उठी यह मांग अब जिला प्रशासन की कार्रवाई की ओर केंद्रित है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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