बारां। ग्राम पंचायत लिसाडिया में आयोजित विशेष ग्राम सभा में कांग्रेस राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की प्रदेश सचिव संध्या मेघवाल ने केंद्र सरकार के लाए गए बी.बी. जी. राम जी बिल को मजदूर विरोधी बताते हुए तत्काल वापसी की मांग की। इस अवसर पर उन्होंने मनरेगा योजना को यथावत जारी रखने का जोरदार समर्थन किया।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीबी यादव के निर्देशानुसार आयोजित इस सभा में संध्या मेघवाल ने कहा कि इस बिल के लागू होने पर मनरेगा में मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान और सामग्री का 75 प्रतिशत भुगतान अब राज्य सरकार को 40 प्रतिशत राशि देकर वहन करना होगा, जो राज्यों की वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि बिल में 125 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है, लेकिन किस पंचायत में और कब यह रोजगार मिलेगा, यह पूरी तरह केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर होगा।

संध्या मेघवाल ने कहा कि केंद्र द्वारा निर्धारित राशि से अधिक खर्च अब राज्य सरकार के उपर छोड़ देना उचित नहीं है। संविधान की धारा 243 ग के तहत पंचायतों को सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास की जिम्मेदारी दी गई है। मनरेगा के तहत पंचायतें अपनी ज़मीनी आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का चयन करती थीं, लेकिन नए बिल के तहत अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि कौन से कार्य स्वीकृत होंगे। इससे लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और ग्राम सभा के अधिकारों का हनन होगा।

विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र सरकार को बी.बी. जी. राम जी बिल को तुरंत वापस लेना चाहिए और मनरेगा योजना को बिना किसी बदलाव के यथावत जारी रखना चाहिए।

इस सभा में उपस्थित ग्रामवासियों ने भी संध्या मेघवाल के विचारों का समर्थन किया और इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस बिल को लेकर व्यापक असंतोष व्याप्त है।

Pratahkal Bureau

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