बारां। भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों से लेकर आधुनिक भारत के नवनिर्माण तक, नारी शक्ति की भूमिका सदैव अविस्मरणीय रही है। इसी गौरवशाली परंपरा को रेखांकित करते हुए भारतीय इतिहास संकलन समिति, कॉलेज इकाई द्वारा बारां में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में वक्ताओं ने न केवल इतिहास में महिलाओं के शौर्य का स्मरण किया, बल्कि वर्तमान में प्रशासनिक सेवाओं, उद्यमिता और खेल जगत में बेटियों द्वारा स्थापित किए जा रहे नए कीर्तिमानों पर भी विस्तृत चर्चा की।

समारोह की मुख्य वक्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हेमलता वैष्णव ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र के निर्माण में बेटियों का योगदान सदैव ही आधारशिला के समान रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य रखते हुए रानी अबक्का, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, शिक्षा की देवी सावित्रीबाई फुले और झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के त्याग और बलिदान को याद किया। साथ ही, वर्तमान परिदृश्य में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जैसी अनगिनत महिलाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नारी शक्ति ने अपनी नेतृत्व क्षमता से देश को नई दिशा दी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने सरकारी प्रयासों और उनके सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के शंखनाद के बाद से देश और प्रदेश में महिला कल्याण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं। डॉ. मेघवाल ने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित महिला किशौरी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और बालिका शिक्षा फाउंडेशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इनके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और बालिकाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आया है।

शैक्षणिक और स्वास्थ्य परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कॉलेज इकाई अध्यक्ष प्रिया मीणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना की। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जो अब देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू हो चुके हैं। वहीं, छात्रा प्रिया पंकज ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि सरकारी योजनाओं के धरातल पर उतरने से बाल मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में गुणात्मक कमी आई है, जो एक स्वस्थ समाज का संकेत है।

समारोह में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू पर चर्चा करते हुए कविता मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा लड़कियों की विवाह योग्य आयु सीमा को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के विचाराधीन प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय बेटियों के स्वर्णिम भविष्य का द्वार खोलेगा। इससे लड़कियों को अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने और करियर को संवारने का पर्याप्त अवसर मिलेगा, जिससे वे पूर्ण परिपक्वता के साथ पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हो सकेंगी।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने आमजन से मार्मिक अपील की कि वे बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए उचित मंच मुहैया करवाएं, क्योंकि यही कदम देश के नवनिर्माण की प्रक्रिया को तीव्र गति प्रदान करेगा। इस गरिमामय अवसर पर ऐश्वर्या शर्मा, बिंदिया वैष्णव, पूजा कुमारी, सुमन मीणा, अंकित मीणा और लखन सिंह सहित समिति के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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