बारां। 20 दिसंबर, 2025 को आंकेडी गांव में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच तोलाराम मीणा के निजी आवास पर हुए तोड़-फोड़ और आगजनी की घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। घटना में तोलाराम मीणा के वाहन को आग के हवाले किया गया, जबकि परिवारजनों को जान बचाने के लिए इधर-उधर छुपना पड़ा। आरोपियों में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और उनके साथियों का नाम सामने आया है।

इस गंभीर मामले में पुलिस की कार्यवाही पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित परिवार को गिरफ्तार कर लिया जबकि वास्तविक अपराधियों को पकड़ने में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर सोमवार को अन्ता विधायक और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

कांग्रेस जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि नरेश मीणा ने चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने वाले तोलाराम मीणा को धमकाया था और उसकी चेतावनी का यह क्रियान्वयन था। विधायक प्रमोद भाया ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी और उनके समर्थक सरेआम सोशल मीडिया पर धमकियां देते रहे और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण उनका हौसला बढ़ गया।

पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से मतदान का अधिकार है, लेकिन भय और धमकियों का माहौल इसे प्रभावित कर रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा ने पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता जताई और चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो कांग्रेस जिले में बड़े आंदोलन के लिए तैयार है।

धरने में प्रदेश कांग्रेस सचिव हंसराज मीणा उदपुरिया, पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा, पूर्व विधायक निर्मला सहरिया सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल रहे। उन्होंने नरेश मीणा और उसके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।

इस घटना ने बारां जिले में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उचित और त्वरित कार्रवाई से ही आमजन के मन में सुरक्षा का भरोसा लौट सकता है और भविष्य में लोकतांत्रिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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