भारतीय संस्कृति विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम: सिलोरी धाम पीठाधीश्वर, छबड़ा में दीक्षांत समारोह संपन्न
निर्माताछबड़ा के आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित दस दिवसीय आचार्य विकास वर्ग का दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। सिलोरी धाम के पीठाधीश्वर ने भारतीय संस्कृति को विश्व का मार्गदर्शक बताया। जानिए कैसे शिक्षक बन रहे हैं राष्ट्र निर्माता।

छबड़ा स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित दस दिवसीय आचार्य विकास वर्ग के दीक्षांत समारोह के दौरान उपस्थित मंचासीन अतिथि एवं प्रशिक्षणार्थी।
छबड़ा (बारां) के आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में दस दिवसीय पूर्ण आवासीय नव-चयनित आचार्य विकास वर्ग का भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने न केवल शिक्षा जगत के भावी निर्माताओं को नई दिशा प्रदान की, बल्कि भारतीय संस्कृति की महत्ता को भी पुन: स्थापित किया। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा वंदना गायन के साथ किया गया।
इस विशेष आयोजन में सिलोरी धाम के पीठाधीश्वर परम पूजनीय श्री रघुवर दास जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित जनसमूह को अभिप्रेत किया। महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में हो रहे सकारात्मक बदलाव और सांस्कृतिक जागरण का ही परिणाम है कि देश पुनः विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने वर्तमान समय में धर्मांतरण की बढ़ती समस्या को राष्ट्र व समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए सनातन परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया। महाराज ने स्पष्ट किया कि भारतीय जीवन पद्धति, योग, मंत्र चिकित्सा और आध्यात्मिक साधनाओं में इतनी शक्ति है कि वे संपूर्ण विश्व को दिशा देने में पूरी तरह सक्षम हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्या भारती के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने वर्ग का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों, अनुशासन, योगिक क्रियाओं एवं बौद्धिक विकास की गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विद्या भारती के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर ने आचार्यों की भूमिका को परिभाषित करते हुए कहा कि एक शिक्षक मात्र पाठ्यक्रम पूरा करने वाला नहीं, बल्कि समाज का निर्माता होता है। उन्होंने राष्ट्रनिष्ठ और संस्कारित पीढ़ी के निर्माण पर जोर देते हुए आचार्यों से अपने आचरण को आदर्श बनाने का आह्वान किया।
समारोह में अरविंद नागर, कोमल वर्मा और विजय रेलवाल जैसे प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि राजेंद्र कुमार रावल ने ओजस्वी काव्य-गीत के माध्यम से वातावरण में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम के अंत में जिला उपाध्यक्ष ओम सोनी माधुरी ने आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय आयोजन का समापन राष्ट्र वंदना 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों और प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
