बारां में गूंजा वंदे मातरम का जयघोष: 150 वर्षों की गौरवगाथा देख मंत्रमुग्ध हुए विद्यार्थी
बारां के सूचना केंद्र में 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित भव्य प्रदर्शनी 'वंदे मातरम-150' में उमड़ रहा जनसैलाब। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गजनपुरा के विद्यार्थियों ने जाना राष्ट्रगीत का गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान। 31 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के माध्यम से युवा पीढ़ी को देशप्रेम और एकता के सूत्र से जोड़ा जा रहा है।

राजस्थान के बारां जिले में इन दिनों राष्ट्रभक्ति की एक अविरल धारा बह रही है। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के यशस्वी 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूचना केंद्र के हॉल में आयोजित विशेष प्रदर्शनी 'वंदे मातरम-150' जन-जन के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंगलवार को इस प्रदर्शनी का नजारा उस समय बेहद खास हो गया, जब गजनपुरा स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने यहाँ पहुंचकर इतिहास के पन्नों को करीब से महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल चित्रों और अभिलेखों का अवलोकन किया, बल्कि उस अमर गीत की गौरवगाथा से भी रूबरू हुए जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी थी।
भारतीय लोक कला एवं संस्कृति विभाग के साझा सहयोग से सजी यह प्रदर्शनी 31 जनवरी तक आमजन और विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। इस आयोजन का मुख्य ध्येय जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के युवाओं को उस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ना है, जहाँ बंकिमचन्द्र चटर्जी की लेखनी से निकले चंद शब्दों ने पूरे ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। प्रदर्शनी में बड़ी बारीकी से उन तथ्यों को संजोया गया है, जो दर्शाते हैं कि कैसे इस एक गीत ने खंड-खंड में बंटे भारत को एकता के सूत्र में पिरोकर एक सशक्त जनआंदोलन खड़ा कर दिया था।
प्रदर्शनी के गलियारों में घूमते हुए छात्र-छात्राओं को स्वतंत्रता सेनानियों के उन दुर्लभ चित्रों और प्रसंगों को देखने का अवसर मिला, जो देशप्रेम की भावना को सीधे हृदय तक पहुंचाते हैं। आधुनिकता और इतिहास के संगम के रूप में यहाँ एलईडी स्क्रीन का भी प्रयोग किया गया है, जिसके माध्यम से स्वाधीनता आंदोलन के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। राजेंद्र शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनी का हर कोना स्वतंत्रता संग्राम की उस अग्नि को बयां करता है, जिसने 'वंदे मातरम' को मात्र एक गीत नहीं, बल्कि क्रांति का मंत्र बना दिया था। यह आयोजन नई पीढ़ी के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण और अपने गौरवशाली अतीत के प्रति सम्मान जगाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
