बारां, 18 दिसंबर। राज्य में लागू भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत निर्माण कार्य कराने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 27 जुलाई 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक तथा निजी आवासीय भवनों और अन्य निर्माण कार्यों की लागत पर एक प्रतिशत उपकर (सेस) अनिवार्य रूप से देय है। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी वर्ग या प्रकार के निर्माण कार्य को उपकर से छूट नहीं दी गई है।

श्रम कल्याण अधिकारी के अनुसार, भवन निर्माण कराने वाले मालिकों और नियोजकों को निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 30 दिवस के भीतर निर्धारित प्रपत्र में श्रम विभाग को सूचना देना आवश्यक है। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूर्ण होने या उपकर निर्धारण होने के 30 दिवस के भीतर, जो भी पहले हो, उपकर की राशि संबंधित संग्रहक के पास जमा कराना अनिवार्य है। यदि किसी परियोजना की अवधि एक वर्ष से अधिक है, तो प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के 30 दिनों के भीतर देय उपकर राशि जमा करानी होगी। नियोजक चाहें तो अनुमानित लागत के आधार पर उपकर अग्रिम रूप से भी जमा कर सकते हैं।

अधिकारी ने बताया कि उपकर से प्राप्त राशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर किया जाता है। अधिनियम के अंतर्गत 27 जुलाई 2009 के बाद बने सभी सरकारी, व्यावसायिक और निजी आवासीय भवन उपकर के दायरे में आते हैं। केवल 10 लाख रुपये से कम लागत वाले आवासीय भवनों को इससे बाहर रखा गया है, जबकि इससे अधिक लागत वाले आवासीय भवनों पर भी एक प्रतिशत सेस देय होगा। व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।

जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 100 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक निर्माण स्थलों के मालिकों को उपकर जमा नहीं कराने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 20 नियोजकों के विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई करते हुए उपकर निर्धारण आदेश जारी करने की प्रक्रिया जारी है। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने की स्थिति में प्रकरण वसूली हेतु जिला कलक्टर को भेजे जाएंगे।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने के बाद यदि उपकर जमा नहीं कराया गया तो श्रम विभाग स्वयं निर्माण लागत का आकलन कर एकतरफा उपकर निर्धारण आदेश जारी करेगा। देय अवधि में राशि जमा नहीं करने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा, वहीं निर्धारण आदेश के बाद भुगतान नहीं करने की स्थिति में 100 प्रतिशत पेनल्टी का भी प्रावधान है। उपकर की राशि जमा नहीं कराने पर ब्याज और पेनल्टी सहित वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

श्रम आयुक्त के निर्देशों के तहत अधिक से अधिक भवन मालिकों और नियोजकों को नोटिस जारी कर उपकर वसूली सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नक्शा स्वीकृति के समय यदि अनुमानित उपकर राशि जमा कराई गई है, तब भी अंतिम रूप से निर्धारित उपकर राशि श्रम कल्याण कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि सख्त कार्रवाई का उद्देश्य श्रमिक कल्याण योजनाओं को मजबूती देना और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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