निर्माण कार्यों पर उपकर अनिवार्य, बारां में श्रम विभाग की सख्ती उपकर जमा नहीं करने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी और 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान
बारां में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर को लेकर श्रम विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 27 जुलाई 2009 के बाद बने सरकारी, व्यावसायिक और निजी भवनों पर एक प्रतिशत उपकर अनिवार्य है। समय पर राशि जमा नहीं करने पर 24 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी के साथ वसूली की जाएगी।

बारां, 18 दिसंबर। राज्य में लागू भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत निर्माण कार्य कराने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 27 जुलाई 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक तथा निजी आवासीय भवनों और अन्य निर्माण कार्यों की लागत पर एक प्रतिशत उपकर (सेस) अनिवार्य रूप से देय है। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी वर्ग या प्रकार के निर्माण कार्य को उपकर से छूट नहीं दी गई है।
श्रम कल्याण अधिकारी के अनुसार, भवन निर्माण कराने वाले मालिकों और नियोजकों को निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 30 दिवस के भीतर निर्धारित प्रपत्र में श्रम विभाग को सूचना देना आवश्यक है। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूर्ण होने या उपकर निर्धारण होने के 30 दिवस के भीतर, जो भी पहले हो, उपकर की राशि संबंधित संग्रहक के पास जमा कराना अनिवार्य है। यदि किसी परियोजना की अवधि एक वर्ष से अधिक है, तो प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के 30 दिनों के भीतर देय उपकर राशि जमा करानी होगी। नियोजक चाहें तो अनुमानित लागत के आधार पर उपकर अग्रिम रूप से भी जमा कर सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि उपकर से प्राप्त राशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर किया जाता है। अधिनियम के अंतर्गत 27 जुलाई 2009 के बाद बने सभी सरकारी, व्यावसायिक और निजी आवासीय भवन उपकर के दायरे में आते हैं। केवल 10 लाख रुपये से कम लागत वाले आवासीय भवनों को इससे बाहर रखा गया है, जबकि इससे अधिक लागत वाले आवासीय भवनों पर भी एक प्रतिशत सेस देय होगा। व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 100 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक निर्माण स्थलों के मालिकों को उपकर जमा नहीं कराने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 20 नियोजकों के विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई करते हुए उपकर निर्धारण आदेश जारी करने की प्रक्रिया जारी है। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने की स्थिति में प्रकरण वसूली हेतु जिला कलक्टर को भेजे जाएंगे।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने के बाद यदि उपकर जमा नहीं कराया गया तो श्रम विभाग स्वयं निर्माण लागत का आकलन कर एकतरफा उपकर निर्धारण आदेश जारी करेगा। देय अवधि में राशि जमा नहीं करने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा, वहीं निर्धारण आदेश के बाद भुगतान नहीं करने की स्थिति में 100 प्रतिशत पेनल्टी का भी प्रावधान है। उपकर की राशि जमा नहीं कराने पर ब्याज और पेनल्टी सहित वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
श्रम आयुक्त के निर्देशों के तहत अधिक से अधिक भवन मालिकों और नियोजकों को नोटिस जारी कर उपकर वसूली सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नक्शा स्वीकृति के समय यदि अनुमानित उपकर राशि जमा कराई गई है, तब भी अंतिम रूप से निर्धारित उपकर राशि श्रम कल्याण कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि सख्त कार्रवाई का उद्देश्य श्रमिक कल्याण योजनाओं को मजबूती देना और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
- बारां में निर्माण कार्य पर उपकर नोटिसभवन निर्माण उपकर अधिनियम 1996 बारां1 प्रतिशत सेस नियम राजस्थानबारां श्रम विभाग उपकर कार्रवाई 2025-26आवासीय भवन उपकर नियम बारांव्यावसायिक भवन निर्माण पर सेस राजस्थानउपकर जमा नहीं करने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी24 प्रतिशत ब्याज निर्माण उपकरBaran construction cess noticeRajasthan labour welfare cess rulesBuilding and Other Construction Workers Cess BaranOne percent construction cess RajasthanPenalty and interest on construction cess India

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
