भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक विचारधारा, बूथ सशक्तिकरण, राष्ट्रवाद और कार्यकर्ता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मंथन किया गया। यह शिविर किशनगंज, बारां स्थित एक निजी कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें जिलेभर से अपेक्षित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

शिविर के प्रथम सत्र में जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और अनुशासन के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता पूर्व राज्यसभा सदस्य नारायण पंचारिया ने भारतीय जनसंघ एवं भाजपा के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंघ ने स्थापना के एक वर्ष के भीतर ही लोकसभा चुनाव में तीन सीटें जीतकर लोकतंत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई तथा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि एक देश में दो विधान के विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया। जनसंघ ने आपातकाल, मीसा कानून सहित अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया और आगे चलकर भाजपा की स्थापना हुई।

उन्होंने राम मंदिर आंदोलन, भाजपा की राजनीतिक यात्रा तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि दस वर्षों की यूपीए सरकार से त्रस्त जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार भाजपा को समर्थन दिया। उन्होंने धारा 370 हटाने, श्रीराम मंदिर निर्माण, सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर तथा कोविड महामारी के दौरान प्रभावी प्रबंधन का भी उल्लेख किया।

दूसरे सत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अल्का मूंदड़ा मुख्य वक्ता रहीं, जबकि अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष नंदलाल सुमन ने की। अल्का मूंदड़ा ने कहा कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है और नियमित बैठकों, पदाधिकारियों के प्रवास तथा रचनात्मक कार्यों पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता “आओ फिर से दिया जलाएं” का उल्लेख कर कार्यकर्ताओं में वैचारिक ऊर्जा का संचार किया।

तीसरे सत्र में प्रदेश प्रवक्ता रेवत सिंह राजपुरोहित मुख्य वक्ता रहे तथा अध्यक्षता वरिष्ठ नेता मजिद मलिक कमांडो ने की। उन्होंने बूथ प्रबंधन को भाजपा की आत्मा बताते हुए कहा कि बूथ कार्यकर्ता में सेवा, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता का भाव होना चाहिए। उन्होंने लाभार्थी संपर्क, आईटी एवं सोशल मीडिया के उपयोग, वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से बूथ सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अहंकार त्यागकर निर्विवाद रहने का आह्वान किया।

चौथे सत्र में पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल मुख्य वक्ता रहीं तथा अध्यक्षता बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा ने की। मेघवाल ने विचार परिवार की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने भाजपा को वटवृक्ष बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च नागरिक आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का होना भाजपा की समावेशी सोच का उदाहरण है। विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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