बारां। भारतीय जनता पार्टी जिला बारां द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर कोटा रोड स्थित सांसद कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने की, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर, वरिष्ठ नेता यशभानु जैन, रामस्वरूप यादव एवं नंदलाल सुमन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री लक्ष्मीनारायण केरवालिया और राकेश जैन, पूर्व विधायक अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष रामपाल मेघवाल, उप जिला प्रमुख छीतरलाल मेघवाल तथा शहर मंडल अध्यक्ष ओपी पारेता समेत अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर मौजूद थे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुखर्जी भारतीय राजनीति की एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता के लिए अपने केंद्रीय मंत्री पद का त्याग कर दिया। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के "एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे" के उद्घोष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया और देश की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। सिकरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 एवं 35ए समाप्त करने को डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने वाली सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

वरिष्ठ नेता यशभानु जैन ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दिया और विपरीत परिस्थितियों में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर वैचारिक राजनीति की नींव रखी। पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर, रामस्वरूप यादव एवं नंदलाल सुमन ने भी उनके जीवन और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने किया। जिला प्रवक्ता योगेश राजोरा ने बताया कि इस अवसर पर निर्मल माथोडिया, जयेश गालव, मुकेश केरवालिया, देवेंद्र शर्मा, हेमंत मीणा, द्वारका प्रसाद प्रजापति, राज सिंह ठीकरिया, उषा कुशवाह, प्रियंका हरीश शर्मा, राजीव अग्रवाल, बजरंग लाल धाकड़, कैलाश शर्मा, भानु प्रताप रहलाई, राजेंद्र तोमर, रोहित नायक, धीरेंद्र नागर, बद्री प्रसाद मेघवाल, मनीष शर्मा, अंकुर नागर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। डॉ. मुखर्जी का कश्मीर एकीकरण के लिए संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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