भारतीय किसान संघ ने बारां कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, गेहूं खरीद और मुआवजे की मांग
किसानों ने 2785 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद, फसल खराबे के मुआवजे और परवन सिंचाई परियोजना के कार्य में तेजी लाने हेतु जिला प्रशासन को मांग पत्र दिया।

बारां जिला कलेक्ट्रेट में जिलाध्यक्ष अमृत छजावा के नेतृत्व में अधिकारियों को मांगों का ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी।
उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि बारां जिले में इस वर्ष गेहूं, चना, सरसों की बुवाई पर्याप्त रकबे में हुई हैं किंतु खरीद के पोर्टल में किसानों का पंजीयन नहीं हो रहा है। क्योंकि जमाबंदी व जन आधार में मिलान नहीं होने के कारण पंजीयन बहुत कम हो रहा है।
आर्थिक नुकसान और गेहूं खरीद का मुद्दाइस वर्ष अतिवृष्टि के कारण खरीफ की संपूर्ण फसल नष्ट हो गई थी। नाम मात्र का उत्पादन हुआ है। इस कारण किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ नाम मात्र का पंजीयन होने के कारण किसानों की फसल खरीद होना असंभव लग रहा है।
- "चुनाव के समक्ष के समय सरकार ने 2700 रूपए प्रति क्विंटल खरीद का गेहूं खरीद का वादा किया था। पिछले 2585 में गेहूं खरीद की थी। इस वर्ष भी समर्थन मूल्य ही सरकार ने घोषित किया है। इस तरह किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पडेगा।"
- किसानों को 200 रूपए बोनस देकर 2785 रूपए प्रति क्विंटल से गेहूं खरीद की जाए।
- किसानों की फार्मर आईडी में जो बाद में ऑनलाइन हुई है उसको भी पहले की फार्मर आईडी में सम्मिट किया जाए।
एक लाख 78 हजार किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। जिसमें एक लाख 26 हजार किसानों को आपदा राहत का पैसा मिल गया है और शेष किसानों को मुआवजा शीघ्र दिलाने का जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया है।
साथ ही परवन वृहद सिंचाई परियोजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने शीघ्र तेज गति चालू से काम करवाने की मांग की, जिस पर जिला कलेक्टर ने शीघ्र परवन वृहद का कार्य तेज कराने का आश्वासन दिया है।
सिंचाई और जल प्रबंधन की मांगें- छीपाबडौद, कवाई के 80 गांव, खानपुर के 5 गांव, इन 85 गांवों को 18 हजार हैक्टेयर भूमि को महलपुर डेम से पानी दिया जाए।
- कृषि जिंस को धर्म कांटे से तोलने, बरनी और डूबराज डेम से नाहरगढ क्षेत्र को पानी देने की मांग की।
बारां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निम्नलिखित खरीद केंद्र खोलने की मांग की गई है:
- अटरू, कवाई, मोठपुर, अर्डांद।
- बारां तहसील में बामला, कोयला।
- किशनगंज में नाहरगढ, भंवरगढ, जलवाडा।
- शाहाबाद में कस्बाथाना।
- छीपाबडौद में हरनावदा, अजनावर, सारथल।
- छबडा में जैपला।
- अंता में बडवा, जयनगर।
- मांगरोल में रायथल।
वार्ता व ज्ञापन देने के दौरान निम्नलिखित पदाधिकारी मौजूद रहे:
- अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य कैलाश गंदोलिया
- प्रांत अध्यक्ष शंकरलाल नागर
- संभाग मंत्री भूपेंद्र शर्मा
- उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा
- जिला मंत्री देवकिशन नागर
- शत्रुघ्न यादव
- उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
