बारां: भारतीय किसान संघ की बैठक में सरकार को चेतावनी, उग्र आंदोलन का ऐलान
अमृत छजावा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फसल बीमा, मुआवजा और मंडी में अधिक तुलाई रोकने जैसी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय हुआ।

बारां जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी के किसान भवन में भारतीय किसान संघ की नियमित मासिक बैठक जिलाध्यक्ष अमृत छजावा की अध्यक्षता में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार को पूर्व में प्रेषित ज्ञापनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए यह कड़ा निर्णय लिया गया कि यदि किसानों की लंबित समस्याओं का त्वरित निराकरण नहीं हुआ, तो संघ द्वारा जनप्रतिनिधियों का उग्र घेराव किया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बैठक के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए मांग की कि तेल केंद्रों का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जाए और खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर किसानों को राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही, खरीफ सीजन 2025-2026 के फसल खराबे का मुआवजा और बीमा राशि, जो अब तक अप्राप्त है, उसे तत्काल किसानों के खातों में हस्तांतरित करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई।
किसानों के हितों की रक्षा हेतु मंडी व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए संघ ने स्पष्ट किया कि कृषि उपज मंडियों में किसानों की फसल का वजन बारदाने के भार के बराबर ही तोला जाए और किसी भी प्रकार की अधिक तुलाई को पूर्णतः बंद किया जाए। नियमों का उल्लंघन कर अधिक तोल करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। राजस्व संबंधी विषयों पर चर्चा करते हुए मांग की गई कि खेतों के उन रास्तों को जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं, उन्हें अतिक्रमण मुक्त करवाकर ग्रेवल सड़क का निर्माण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा स्वीकृत फाइलों पर किसानों को मिलने वाला अनुदान लंबे समय से रुका हुआ है, जिसे अविलंब जारी करने का आग्रह किया गया। इन समस्त ज्वलंत मुद्दों को लेकर बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री, खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं सहकारिता मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य कैलाश गंदोलिया, प्रांत अध्यक्ष शंकरलाल नागर, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह सिरोहिया, संभाग सदस्य रामभरोस बडोदिया, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा, जिला मंत्री देकिशन नागर, किशनगंज तहसील अध्यक्ष सीताराम नागर, मंत्री बद्रीलाल वर्मा, अंता तहसील मंत्री पुरूषोत्तम शर्मा, अटरू तहसील अध्यक्ष परमेश्वर शर्मा, मंत्री जितेंद्र मीना, छबड़ा तहसील अध्यक्ष हरिशंकर नागर, कृष्ण गोपाल, बारां तहसील अध्यक्ष भोजराज यादव तथा जिला कोषाध्यक्ष तोलाराम सुमन सहित अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। किसानों की यह संगठित आवाज क्षेत्र के कृषि परिदृश्य और प्रशासनिक जवाबदेही को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
