बिहार के भोजपुर जिले में युवा सामाजिक कार्यकर्ता भारत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई संदेहास्पद मौत ने पूरे देश में न्याय की मांग को बल दे दिया है। इसी कड़ी में राजस्थान के बारां जिले में ब्राह्मण कल्याण परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर इस प्रकरण की उच्च-स्तरीय जांच और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई है।

घटना का विवरण देते हुए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलो टी गांव में पुलिस और भारत भूषण तिवारी के बीच मुठभेड़ हुई थी। परिषद का गंभीर आरोप है कि विश्वसनीय समाचार माध्यमों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, किंतु पुलिस प्रशासन पर उन्हें गोली मारने का आरोप है, जिसके उपरांत उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। ब्राह्मण कल्याण परिषद के देहात अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने इसे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और एक सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर करार दिया है।

परिषद ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए। साथ ही, घटना में संलिप्त शाहपुर थाना अध्यक्ष सहित सभी दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने, तथा परिवार को प्रशासन की ओर से पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

जिला प्रभारी भगवान शर्मा ने इसे कानून के शासन पर प्रहार बताते हुए राष्ट्रपति से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर अध्यक्ष किशन शर्मा, जिला प्रभारी भगवान शर्मा, देहात अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, नगर महामंत्री चंचल शर्मा, संरक्षक शिव शंकर चतुर्वेदी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अजय शर्मा सहित ललित किशोर शर्मा, जितेंद्र शर्मा, गौरव प्रताप, अशोक गौतम, रामेश्वर चतुर्वेदी व सतीश शर्मा समेत बड़ी संख्या में समाजबंधु और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह घटना न केवल बिहार, बल्कि देश भर के न्यायप्रिय नागरिकों के बीच चर्चा और आक्रोश का केंद्र बनी हुई है।

Pratahkal Newsroom

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