भागवत कथा कल्पवृक्ष समान, बारां के कुंजी गांव में भक्ति का उत्साह
बारां के कुंजी गांव में पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री द्वारा श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन वामन अवतार और ध्रूव चरित्र का वर्णन किया गया।

बारां के कुंजी गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आरती करते श्रद्धालु और उपस्थित जनसमूह।
बारां। रेलावन के पास कुंजी गांव में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कथा की महिमा और शांति का मार्ग
कथा के तीसरे दिन पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि "भागवत कथा यह कल्पवृक्ष की तरह है जिसकी छांव में बैठने से जीव को परम शांति प्राप्त होती है।" उन्होंने विस्तार से बताया कि:
- जीव अलौकिक आनंद को प्राप्त होता है।
- कथा सुनने से जीवन की व्यथा मिट जाती है।
- निर्मल मन में ही परमात्मा का वास होता है।
- इसलिए तन धन के साथ-साथ पवित्र मन को प्रभु चरणों में लगाए रखो जीव भव सागर से पर हो जाएगा।
प्रमुख प्रसंग और झांकियां
कथा के दौरान निम्नलिखित चरित्रों का वर्णन किया गया:
- प्रहलाद चरित्र एवं वामन अवतार चरित्र सुनाया गया।
- मनोहर वामन भगवान की झांकी दिखाई गई।
- ध्रूव चरित्र सुनाते हुए उन्होंने कहा कि "भक्ति करने की कोई उम्र नहीं होती।"
मंत्र शक्ति और आध्यात्मिक शिक्षा
पंडित जी ने बताया कि ध्रूव ने 5 वर्ष के अवस्था में "ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः" मंत्र का जाप करके ईश्वर को प्राप्त कर लिया।
"इस मंत्र का जाप करने से कहीं संताप कष्ट पाप मिट जाते हैं। इसलिए इस मंत्र को हम सबको जपना चाहिए। रोज घर में रामायण पाठ करोगे। श्रीमद् भागवत गीता का पाठ करोगे तो हमारा परिवार संस्कार में धर्म में हो जाएगा। हमारे बच्चों को हमें धर्म की शिक्षा भी देना चाहिए। आध्यात्मिक शिक्षा प्रभु को प्राप्त करती है।"
आगामी कार्यक्रम: श्री कृष्ण जन्मोत्सव
महावीर सिंह ने बताया कि सोमवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। जिसमें गुलाब के फूलों से बृज की होली खेली जावेगी।
श्रद्धालुओं की उपस्थिति एवं व्यवस्था
रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे, जिसे कथा परिसर खचाखच भर गया। निम्नलिखित सेवादारों ने अपनी भूमिका निभाई:
- सत्यनारायण वैष्णव, धनराज गुर्जर, भगवान सिंह, महेंद्र सिंह और गजेंद्र सिंह ने आरती उतारी।
- आरती के पश्चात सभी को प्रसाद वितरण किया गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
