बारां। राजस्थान के बारां शहर में विकास के नाम पर बिछाई गई सीवरेज लाइन अब आमजन के लिए मुसीबत का जाल बन चुकी है। शहर के हृदय स्थल से लेकर गलियों तक पसरा कीचड़ और उड़ती धूल नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगा रही है। सीवरेज फेज-2 परियोजना, जिसे अप्रैल 2025 तक पूर्ण होकर जनता को राहत देनी थी, वह आज भी अधूरी पड़ी है। विडंबना यह है कि कार्यादेश की शर्तों के उल्लंघन और समय सीमा टूटने के बावजूद जिम्मेदार एजेंसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय प्रशासन की मंशा पर संदेह गहराता जा रहा है।

राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख था कि यदि निर्धारित तिथि तक कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित एजेंसी पर कुल लागत की 10 प्रतिशत पेनल्टी लगाई जाएगी। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। न तो ठेकेदार की कार्यक्षमता में सुधार आया और न ही नगर परिषद ने पेनल्टी का हंटर चलाकर एजेंसी को जवाबदेह बनाया। इस प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा बारां की जनता भुगत रही है। अधूरे पड़े गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित है। जगह-जगह कीचड़ और धूल के गुबार ने दुकानदारों के व्यापार को चौपट कर दिया है, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। विशेषकर बरसात के दौरान यह क्षेत्र नरक जैसी स्थिति में तब्दील हो जाता है।

स्थानीय निवासियों का आक्रोश चरम पर है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि नगर परिषद 'कुंभकर्णी नींद' में सो रही है। कई बार शिकायतें देने और ज्ञापन सौंपने के बाद भी प्रशासन ने ठेकेदार पर दबाव बनाने की जहमत नहीं उठाई। नियमानुसार 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रावधान होने के बावजूद कार्रवाई का शून्य होना यह दर्शाता है कि नियमों को ताक पर रखकर एजेंसी को अभयदान दिया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन से दो टूक मांग की है कि फेज-2 का कार्य अविलंब पूरा किया जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार एजेंसी पर कठोर आर्थिक दंड लगाया जाए। यदि अब भी सख्त निगरानी सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह अधूरा प्रोजेक्ट केवल भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का एक मूक स्मारक बनकर रह जाएगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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