बारां। देश और दुनिया के बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आई अप्रत्याशित और 'जबरदस्ती' की तेजी ने बारां सहित पूरे देश के सर्राफा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। सोने और चांदी के आसमान छूते भावों ने न केवल आम आदमी की पहुंच से जेवरों को दूर कर दिया है, बल्कि इस उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका पर भी गहरा प्रहार किया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि शोरूम से ग्राहक नदारद हैं और वर्कशॉप्स से कारीगर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं, जिससे सदियों पुराना यह पारंपरिक व्यवसाय अब अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

बारां शहर के प्रमुख सर्राफा व्यवसायियों—ललितमोहन खण्डेलवाल, विनोद कुमार गर्ग, जयनारायण हल्दिया, जगदीश सिंघल, सुरेन्द्र सोनी, अशोक गर्ग, ओमप्रकाश पोरवाल, प्रमोद थुणगर, प्रमोद सोनी, महेश चौधरी, पवन बंसल, राजेन्द्र मंगल और अश्वनी बंसल—ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से इस संकट में तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि एमसीएक्स (MCX) जैसे वायदा बाजारों पर प्रभावी नियंत्रण की कमी और सट्टेबाजी के कारण कीमतों में एकतरफा उछाल आ रहा है। जहां एक ओर निवेशकों के लिए एक वर्ष में सोने ने दोगुना और चांदी ने चार गुना रिटर्न देकर 'बल्ले-बल्ले' की स्थिति पैदा की है, वहीं वास्तविक आभूषण व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। 1 ग्राम सोने की कीमत 16,000 रुपये और एक जोड़ी सामान्य पायजेब की कीमत 32,500 रुपये तक पहुंच जाना ग्रामीण और मध्यम वर्गीय खरीदारों की क्रय क्षमता से कोसों दूर है।

व्यापारियों ने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि इस व्यापार को 'ग्रहण' से बचाने के लिए जीएसटी की दर को तत्काल 3 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया जाए और आयात शुल्क में भारी कटौती की जाए। इसके साथ ही, बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए 'गोल्ड मोनोटाइजेशन स्कीम' को पुनर्जीवित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि घरों में रखा निष्क्रिय सोना बाजार में आए और आयात पर निर्भरता कम हो सके। व्यापारियों ने हाल ही में आयात शुल्क बढ़ने की अफवाहों से चांदी की कीमतों में आई कृत्रिम तेजी की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है। यदि सरकार ने किश्तों पर आभूषण बिक्री की अनुमति और नीतिगत सुधार जैसे कदम जल्द नहीं उठाए, तो बारां का यह गौरवशाली व्यापार इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगा।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story