बारां: जिला परिषद बैठक में सीएमएचओ पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग
छबड़ा प्रधान ने सीएमएचओ पर तबादलों में रिश्वत के आरोप लगाए, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने कलेक्टर से जांच समिति बनाने को कहा।

बारां जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में छबड़ा प्रधान हरिओम नागर (दाएं) चिकित्सा कार्मिकों के डेप्युटेशन में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए।
बारां। जिला परिषद की शुक्रवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक उस समय गहमागहमी में बदल गई जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजीव सक्सेना पर गंभीर आरोप लगाए गए। बैठक के दौरान छबड़ा प्रधान हरिओम नागर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएमएचओ द्वारा कई चिकित्सा कार्मिकों से मोटी रकम लेकर डेप्युटेशन किए गए हैं। इस आरोप के सामने आते ही बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और विभागीय कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बैठक में यह मुद्दा लंबे समय तक चर्चा का केंद्र बना रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने कड़ा रुख अपनाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के स्तर पर एक जांच कमेटी गठित की जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। बैठक के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर स्वयं की वाहवाही करते रहते हैं और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है।
फिलहाल, पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है। यदि प्रशासन द्वारा जांच कमेटी गठित की जाती है, तो आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
