बारां में महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर संपन्न, पंच परिवर्तन पर जोर
कात्यायनी महिला उत्थान समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शिविर में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए व्यावहारिक रक्षा कौशल और 'पंच परिवर्तन' के महत्व को समझाया गया।

बारां के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समापन समारोह के दौरान आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास करतीं बालिकाएं और महिलाएं।
बारां में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत महिला समन्वय विभाग एवं कात्यायनी महिला उत्थान समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन कोटा रोड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। निःशुल्क आत्मरक्षा शिविर ने मातृशक्ति में सुरक्षा एवं स्वाभिमान का प्रभावी संचार किया, जबकि “पंच परिवर्तन” को भव्य भारत निर्माण का आधार बताया गया।
समापन समारोह का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता अंजना गोयल, अध्यक्ष के रूप में रिंकी बंसल तथा मुख्य वक्ता के रूप में कात्यायनी महिला उत्थान समिति की विभाग मंत्री अरुणा शर्मा उपस्थित रहीं। इस अवसर पर समिति की सदस्य मनीषा गोयल एवं मनुजा अग्रवाल ने बताया कि शिविर में बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आत्मरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण कौशलों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में उपयोगी आत्मरक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं सजगता का विकास हुआ।
मुख्य वक्ता अरुणा शर्मा ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में “पंच परिवर्तन” की अवधारणा को विस्तार से रखते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं से पांच सकारात्मक परिवर्तनों की शुरुआत करे तो समाज में व्यापक जागरण संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परिवर्तन केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति जब आत्मरक्षा एवं आत्मसम्मान से सशक्त होगी, तभी सशक्त समाज और दिव्य-भव्य भारत का निर्माण संभव है। वर्तमान परिवेश में महिलाओं का आत्मनिर्भर और सजग होना अत्यंत आवश्यक बताते हुए उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण शिविरों को सामाजिक परिवर्तन का प्रेरक बताया।
कार्यक्रम में समिति सदस्य श्वेता जैन, मधु गौतम, अस्मिता टोंगिया, नीलू गोयल, मंजू गोयल एवं चेतना मित्तल की सक्रिय उपस्थिति रही। अंत में आभार प्रदर्शन एवं शांति मंत्र के साथ शिविर का समापन किया गया, जिसने नारी शक्ति के आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता को नई दिशा दी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
