बारां: कड़ाके की ठंड में मानवता की गर्माहट, रॉयल राजपूत क्षत्राणी संगठन ने मकर संक्रांति पर फैलाई खुशियां
बारां में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर रॉयल राजपूत क्षत्राणी संगठन द्वारा मानवता की अनूठी मिसाल पेश की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह चौहान और जिला अध्यक्ष नीलिमा जादौन के नेतृत्व में क्षत्राणियों ने गरीब बस्तियों में घर-घर जाकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। पिछले 5 वर्षों से सेवा कार्यों में सक्रिय यह संगठन समाज सेवा और प्रतिभाओं को आगे लाने के संकल्प के साथ निरंतर अग्रसर है।

बारां । कड़ाके की इस ठंड में जब आम जनजीवन ठिठुर रहा है, तब बारां की धरा पर मानवता और सेवा की एक अद्भुत मिसाल पेश की गई है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दान-पुण्य की सनातनी परंपरा को जीवंत करते हुए 'रॉयल राजपूत क्षत्राणी संगठन' की जांबाज क्षत्राणियों ने अभावग्रस्त बस्तियों में पहुंचकर सेवा का संकल्प दोहराया। इस विशेष मौके पर संगठन की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल वितरण का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने न केवल सर्दी की ठिठुरन को कम किया, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता का परिचय भी दिया।
रॉयल राजपूत क्षत्राणी संगठन की जिला अध्यक्ष नीलिमा जादौन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संपूर्ण आयोजन प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह चौहान, प्रदेश सचिव प्रियंका राजावत और प्रदेश संयोजक भावना सिंह के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ। संगठन की महिलाओं ने बारां की विभिन्न गरीब बस्तियों में घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी असहाय व्यक्ति ठंड की मार झेलने को मजबूर न हो। न केवल बस्तियों में, बल्कि सड़क किनारे रात बिताने वाले निराश्रित लोगों को भी कंबल ओढ़ाकर उन्हें राहत पहुंचाई गई।
सेवा के इस महायज्ञ के विषय में बताते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह चौहान ने कहा कि रॉयल राजपूत क्षत्राणी संगठन पिछले पांच वर्षों से मानवता और सामाजिक सरोकारों के लिए निरंतर सक्रिय है। उन्होंने बल देकर कहा कि संगठन का मूल ध्येय राजपूत समाज की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। यह संगठन भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
इस पुनीत कार्य में संगठन की महिला शक्ति ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में बीना सिंह, चेतन हाडा, लक्ष्मी हाडा, सुनीता कंवर, अंजू हाड़ा, आशा गौड़, जयोति गौड़, अनुराधा हाड़ा, देवयानी सोलंकी, कल्पना हाड़ा, मनोरमा हाड़ा, भगवती कंदर और जयोति चौहान जैसी क्षत्राणियों का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा। बारां में आयोजित इस कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया है कि त्यौहारों की असली खुशी अपनों के साथ-साथ अभावग्रस्तों के जीवन में उजियारा और गर्माहट लाने में ही निहित है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
