बारां। भीषण गर्मी के इस दौर में बारां शहर के नागरिक और व्यापारी विद्युत व पेयजल संकट से बुरी तरह त्रस्त हैं। अव्यवस्थाओं से उपजे आक्रोश को देखते हुए व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा ने संबंधित विभागों को तत्काल सुधार करने की चेतावनी दी है। बाटा ने स्पष्ट किया है कि यदि बुनियादी सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आमजन और व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने बताया कि शहर में आए दिन 'मेंटेनेंस' के नाम पर जनता को परेशान किया जा रहा है। विगत लगभग एक माह से कई कॉलोनियों में रात भर बिजली गुल रहती है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि शिकायत करने पर विद्युत कर्मी और अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कभी मेंटेनेंस तो कभी 132 केवी ग्रिड का बहाना बनाकर उन्हें चुप करा दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरे 12 महीने मेंटेनेंस चलता है और क्या इसका कोई समय निर्धारित नहीं है कि कभी भी बिजली काट दी जाती है।

वर्तमान में व्यापार का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है और दुकानों पर कंप्यूटर सिस्टम निर्भर हैं। बिजली गुल होने से सिस्टम बंद हो जाते हैं और विद्युत संचालित छोटे कारखाने भी ठप पड़े हैं, जिससे व्यापारियों व उद्यमियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार महासंघ के देवकीनंदन बंसल, ललित मोहन खंडेलवाल, वेद प्रकाश टक्कर, कलीम भाई बोहरा, विमल बंसल, कमलेश गोयल, राकेश जैन, मनीष लश्करी, सुदर्शन झाम, सेन कुमार अदलक़खा, शेखर कुमरा, नरेंद्र बत्रा, महामंत्री कन्हैयालाल चित्तौड़ा, शंकर लाल महेश्वरी, नरेश नन्दवाना, उपाध्यक्ष नरेश खंडेलवाल, कमलेश जैन, जगदीश बंसल, नरेंद्र बोरिना, आनंद बंसल, भानु पोरवाल, संजय शर्मा, कपिल पोरवाल, दिलीप चौबे, महेंद्र शर्मा, मनोज पिपलानी, पुनीत कुमरा, मनोज बाठला, सुरेश गोयल, राहुल कुमरा, शंभू पोरवाल और आसिफ भाई आदि ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही व हठधर्मिता के कारण लोग अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर अगले दिन पेयजल व्यवस्था पर पड़ता है और वह भी चरमरा जाती है।

व्यापारियों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच बीते डेढ़ माह से लोग बिजली और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। इस संदर्भ में महासंघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर से भी शिकायत की है, जिन्होंने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थिति में सुधार न होने पर व्यापारियों ने प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है कि अब और अधिक उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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