बारां: विज्ञान नगर में जलभराव से बढ़ी बीमारियां, कोर्ट के आदेश भी बेअसर
तेल फैक्ट्री क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 में नालियों की सफाई न होने से सड़कों पर जमा हो रहा गंदा पानी, स्थानीय निवासियों ने जिला न्यायालय में लगाई गुहार।

बारां के विज्ञान नगर वार्ड नंबर 13 में नालियों की सफाई न होने के कारण मुख्य रास्तों पर जमा गंदा पानी, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बाराँ। शहर के तेल फैक्ट्री स्थित विज्ञान नगर वार्ड नं.13 में नालियों के पानी का उचित निकास न होने से हालात गंभीर बने हुए हैं। नालियों में अटी पड़ी गंदगी के कारण गंदा पानी खाली पड़े भूखंडों और मुख्य आम रास्ते में जमा होकर जलभराव की स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। इस स्थिति ने मच्छरों के उत्पादन को बढ़ावा दिया है और बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है, जबकि पहले से ही नालियों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
इस गंभीर समस्या को लेकर मोहल्लेवासियों ने विधायक से लेकर सांसद, जिला कलेक्टर और नगर परिषद तक सभी को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। वार्डवासी कुंती शर्मा और सम्पत प्रजापति ने बताया कि गंदे पानी और गंदगी से अटी पड़ी नालियां अब सड़ांध मारने लगी हैं, जिससे भोले वीडियो को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही लोगों को रोजाना नालियों के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञान नगर वार्ड नंबर 13 की निवासी मंजू कुमारी, पुष्पा सुमन और कुन्ती प्रजापति ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व वार्ड पार्षद के नेतृत्व में जिला परिषद को भी अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उपेक्षा से परेशान होकर वार्डवासियों ने जिला न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने जिला परिषद को शीघ्र पानी निकास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से न्यायालय के आदेश के बावजूद नगर परिषद ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की और स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वार्ड निवासी चैतन्य कुमार, विनोद शर्मा, गोपाल शर्मा, धनराज सुमन, महावीर प्रजापति, मुरारीलाल सुमन और जितेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने सांसद, विधायक और जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही नगर परिषद के किसी अधिकारी या कर्मचारी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
जलभराव के कारण वार्डवासी, विशेषकर बच्चे, मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में वार्डवासियों के सामने यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि सभी प्रयासों के बावजूद जब इस छोटी सी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो वे अपनी समस्या लेकर आखिर जाएं तो कहां और कहें तो किससे। चुनाव के दौरान पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता ने इस प्रश्न को और भी गहरा कर दिया है कि भविष्य में जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
