बारां में विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यचर्या में समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित पंचपदी अधिगम पद्धति पर जिला स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय, बारां में हुई, जिसमें विद्या भारती द्वारा संचालित जिले के विभिन्न आदर्श विद्या मंदिर एवं स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन विद्यालयों के पंचपदी प्रभारी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

कार्यशाला का शुभारंभ विद्या भारती राजस्थान के प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा एवं विद्या भारती शिक्षा संस्थान बारां के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने भारत माता एवं मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्य वक्ता नवीन कुमार झा ने पंचपदी अधिगम पद्धति के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसके पांच सोपान—अदिति, बोध, अभ्यास, प्रयोग एवं प्रसार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा में भारतीय दृष्टि और भारतीय जीवन मूल्यों का समावेश कर ही बालक का वास्तविक एवं सर्वांगीण विकास संभव है।

नवीन कुमार झा ने कहा, “शिक्षा केवल नॉलेज प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह बालक की समझ को विकसित करने और उसके अंतर्निहित सामर्थ्य को जागृत करने की प्रक्रिया है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से कर्मेंद्रियों, ज्ञानेंद्रियों एवं मन का समुचित संवर्धन होना चाहिए। शिक्षक का दायित्व केवल पुस्तक पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्र को पढ़ना, उसे समझना और उसकी क्षमताओं के अनुरूप उसका विकास करना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन गई है। आवश्यकता इस बात की है कि तकनीक का उपयोग भारतीय जीवन मूल्यों एवं शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप सृजनात्मक एवं सकारात्मक रूप से किया जाए।

कार्यशाला के दौरान विभिन्न विद्यालयों से आए पंचपदी प्रभारियों ने अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। चंपालाल, जितेंद्र गुर्जर, कुलदीप शाक्यवाल, नीलू मेहता, विट्ठल रेगर, मेघराज नागर, सानू चक्रधारी, ऋषभ नागर, ओमप्रकाश, बलराम नागर, पुष्पलता सेन, हेमलता नागर एवं सुरेंद्र नागर ने पंचपदी अधिगम पद्धति के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर अपने विचार रखे।

जिला संयोजक राजेश कुमार नामा एवं प्रधानाचार्य दीनदयाल ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story