बारां में 108.71 करोड़ के 1532 विकास कार्य स्वीकृत, 19 सितंबर से जनसेवा शिविर
बारां में वीबी-जी राम जी योजना के तहत 108.71 करोड़ रुपए के 1532 विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। वहीं 19 से 25 सितंबर तक जनसेवा शिविर और राष्ट्रीय युवा महोत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।

तस्वीर में बारां जिला कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की एक बैठक का दृश्य दिखाया गया है, जहां विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की जा रही है।
बारां जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वीबी-जी राम जी योजना के तहत 1532 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से स्वीकृत इन कार्यों पर कुल 10870.92 लाख रुपए यानी करीब 108 करोड़ 71 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण, जल संरक्षण, शिक्षा, खेल और आजीविका से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, शिक्षा, खेल और ग्रामीण आजीविका को मजबूती देना है। स्वीकृत कार्यों में ग्रामीण युवाओं के लिए 197 खेल मैदानों का विकास शामिल है। इनमें बास्केटबॉल कोर्ट, क्रिकेट ग्राउंड, रनिंग ट्रैक, पौधारोपण और समतलीकरण के कार्य किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्ष कुंज विकसित करने के लिए 255 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 3 स्थानों पर नमो नर्सरी स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक नर्सरी में एक लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जिले में 323 तालाबों के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं। इनसे भूजल स्तर में सुधार और किसानों को सिंचाई में लाभ मिलने की बात कही गई है।
ग्रामीण संपर्क और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए 10 ग्रेवल सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं 273 गांवों में इंटरलॉकिंग खरंजा मय पक्की नाली निर्माण के कार्य होंगे। इन कार्यों से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 9 स्थानों पर अमृत ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे। इनमें शौचालय, टीनशेड और चबूतरा सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में जिले में 7 स्थानों पर अटल ज्ञान केंद्र के रूप में आधुनिक ग्रामीण पुस्तकालयों का निर्माण शामिल है। इसके साथ 10 अमृत संजीवनी पार्क विकसित किए जाएंगे, जो ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य और मनोरंजन के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए 10 कांजी हाउस पशु आश्रय स्थलों का निर्माण भी स्वीकृत किया गया है।
पोषण सुरक्षा के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो के मान से कुल 435 अमृत पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। इनकी देखरेख और प्रबंधन स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए 231 नए शौचालय बनाए जाएंगे। 163 आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और उनमें शौचालय निर्माण के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के साथ समन्वय करते हुए 20 विद्यालय भवनों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से शेष लक्ष्यों के अनुरूप आगामी दिनों में अन्य कार्यों की स्वीकृति भी समयबद्ध रूप से जारी की जाएगी।
बारां जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए विकसित भारत-जन सेवा अभियान-2026 के तहत विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर 19 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर लगाए जाएंगे।
अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने बताया कि शिविर प्रतिदिन प्रातः 9.30 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होंगे। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे तथा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
शिविरों के सफल संचालन और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित क्षेत्र के विकास अधिकारी को शिविर प्रभारी बनाया गया है। वे पंचायत समिति मुख्यालय पर शिविर की व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करेंगे।
इसी बीच बारां जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा के अनुसार इसके प्रथम ट्रैक के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि युवाओं की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आगामी 10 से 12 जनवरी 2027 तक राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर इस राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान राज्य को इसमें गोल्डन वेस्ट रीजन के अंतर्गत रखा गया है। इस ट्रैक की मुख्य थीम मैन्युफैक्चरिंग एंड आंत्रप्रेन्योरशिप एंड ग्रीन ग्रोथ निर्धारित की गई है। इसमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और नवीन विचारों को प्रस्तुत करने के लिए भाग ले सकते हैं।
प्रतियोगिता कुल पांच चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण में विकसित भारत क्विज का आयोजन 30 सितंबर 2026 तक माय भारत पोर्टल पर किया जा रहा है। द्वितीय चरण में प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों के लिए निबंध प्रतियोगिता 5 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक माय भारत पोर्टल पर होगी।
तृतीय चरण में डिस्ट्रिक्ट चौंपियनशिप एण्ड पीपीटी राउंड होगा। द्वितीय चरण की निबंध प्रतियोगिता में से प्रत्येक जिले के शीर्ष 50 निबंधों का चयन किया जाएगा और 10 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक जिला स्तरीय पीपीटी राउंड आयोजित किया जाएगा। चतुर्थ एवं पंचम चरण में जिला स्तर से चयनित शीर्ष प्रतिभागी क्रमशः राज्य स्तरीय और इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, पंचायती राज संस्थाओं, जिला परिषद तथा ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन माय भारत पोर्टल पर कराने की अपील की गई है। पंजीयन या तकनीकी सहायता के लिए जिला युवा अधिकारी, माय भारत केंद्र, बारां के कुमार मधुकर से संपर्क किया जा सकता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
