बारां। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जब परंपराओं का साथ और सखियों का उत्साह मिलता है, तो माहौल खुद-ब-खुद खुशनुमा हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा बारां में देखने को मिला, जहाँ अखिल भारतीय वैश्य महा सम्मेलन की महिला इकाई द्वारा विंटर डे और मकर संक्रांति पर्व का भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। इस उत्सव ने न केवल रीतियों को जीवंत किया, बल्कि आपसी सौहार्द और संगठन की शक्ति को भी एक नई परिभाषा दी।

ठंड को चुनौती देते हुए कार्यक्रम की थीम 'विंटर स्पेशल' रखी गई थी, जिसमें संगठन की सभी सदस्याएं ऊनी वस्त्रों के आकर्षक ड्रेस कोड में सज-धज कर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचीं। रंग-बिरंगे गर्म परिधानों में लिपटी महिलाओं के उत्साह ने आयोजन में चार चाँद लगा दिए। क्लब अध्यक्ष के अनुसार, इस गरिमामयी समारोह का मुख्य उद्देश्य व्यस्त जीवनशैली के बीच आपसी मेलजोल बढ़ाना और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी के लिए सहेजकर रखना है।

इस गौरवशाली कार्यक्रम की मेजबानी सरस्वती गोयल, लक्ष्मी गोयल, शीला गोयल एवं अनिता गोयल ने की, जिन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुरूप सभी आगंतुक सदस्यों का भावभीना स्वागत कर सत्कार की मिसाल पेश की। संक्रांति के पावन अवसर पर सुहाग की मंगल कामना के साथ सभी महिलाओं को उपहार स्वरूप सुंदर ब्रेसलेट पहनाए गए, जो इस उत्सव की स्मृति के रूप में उनके साथ रहे।

सचिव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मिलन समारोह को रोमांचक बनाने के लिए कई मनोरंजक खेलों का संजाल बुना गया। मकर संक्रांति और चौथ के विशेष महत्व को देखते हुए तिल, मूंगफली और गजक के साथ 'हाउजी' खेल का आयोजन हुआ, जिसमें दिव्या जैन ने प्रथम हाउस जीतकर अपनी किस्मत का लोहा मनवाया। प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन के दौर में ‘साथी हाथ बढ़ाना’ गेम में संगीता बड़जात्या ने प्रथम, अनिता सेठी ने द्वितीय और बिंदु मारू ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी सक्रियता सिद्ध की। वहीं, धैर्य और एकाग्रता के 'फिक्सिंग गेम' में ललिता टोंग्या विजेता रहीं, जबकि बिंदु मारू ने पुनः अपनी प्रतिभा दिखाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

समारोह का मुख्य आकर्षण 'विंटर क्वीन' का चयन रहा, जिसमें अपने परिधान और व्यक्तित्व से सभी को प्रभावित करने वाली अनिता सेठी को 'विंटर क्वीन' के खिताब से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त 'लकी गेम' का खिताब अंतिमा सोगानी के नाम रहा। जैसे-जैसे शाम ढली, संगीत की धुनों ने समां बांध दिया। महिलाओं ने ढोल और आधुनिक गीतों पर जमकर नृत्य किया। 'डांसिंग प्लेट' प्रतियोगिता में कविता डांगरा को उनकी बेहतरीन प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया। नृत्य के प्रति उत्साह को देखते हुए श्वेता गंगवाल, सुलेखा जैन, सुमन गोयल, कल्पना विजय और नीता जैन को भी प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए। इस सामूहिक आनंद, खिलखिलाहट और सौहार्दपूर्ण वातावरण के साथ यह यादगार आयोजन संपन्न हुआ, जिसने बारां के सामाजिक गलियारों में एक अमिट छाप छोड़ी है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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