उम्मेदगंज में सरकारी चरागाह, स्कूल खेल मैदान और श्मशान भूमि पर कब्जे का आरोप, कलेक्टर को ज्ञापन
बारां के उम्मेदगंज गांव में सरकारी चरागाह, स्कूल खेल मैदान और श्मशान भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों से ग्रामीणों में रोष है। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर 7 दिवस में कार्रवाई की मांग की गई है।

तस्वीर में बारां के उम्मेदगंज गांव के ग्रामीण और भीम आर्मी के नेता कमल बैरवा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर ज्ञापन हाथ में थामे खड़े नजर आ रहे हैं।
बारां। अटरू तहसील की ग्राम पंचायत ढोटी के अंतर्गत आने वाले उम्मेदगंज गांव में सरकारी जमीनों पर दबंगों और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी चरागाह, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के खेल मैदान और श्मशान भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों ने मंगलवार को भीम आर्मी नेता एवं सामाजिक युवा मंच के जिलाध्यक्ष कमल बैरवा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी जमीनों से अविलंब अतिक्रमण हटाने तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार सरकारी चरागाह भूमि पर कब्जे के कारण मवेशियों के चरने और विचरने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, उम्मेदगंज के खेल मैदान की 10 बीघा भूमि पर अतिक्रमण होने से बच्चों के खेलने की जगह खत्म हो गई है। इससे शैक्षिक गतिविधियों का संचालन भी बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों ने श्मशान भूमि पर भी कब्जे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस अतिक्रमण के चलते गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अतिक्रमण के कारण गांवों के रास्ते भी अवरुद्ध हो गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जब वे अतिक्रमण हटाने की बात करते हैं तो अतिक्रमणकारी लड़ाई-झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। इससे गांव में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस संबंध में इससे पहले तहसीलदार (अटरू) और ग्राम पंचायत ढोटी के समक्ष भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस में इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो ग्रामवासियों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में गोबरीलाल बैरवा, रमेशचंद्र बैरवा, रामप्रताप, बाबूलाल, संदीप मीणा, रामावतार, सियाराम, रामहेत, प्रकाश, बनवारी मीणा, रामचरण, नरेश, रघुवीर, रामप्रताप, बाबूलाल, रामस्वरूप, हिमांशु सहित इत्यादि ग्रामीण मौजूद रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
