यूजीसी कानून के विरोध में बारां में बैठक, 8 फरवरी को निकलेगी महारैली
बारां की खंडेलवाल धर्मशाला में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून को समाज विरोधी बताते हुए आंदोलन और दुपहिया वाहन रैली का निर्णय लिया।

बारां की खंडेलवाल धर्मशाला में यूजीसी कानून के विरोध में रणनीति बनाने के लिए एकत्रित हुए सवर्ण समाज के लोग और पदाधिकारी।
बारां। यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में हॉस्पिटल के सामने स्थित खंडेलवाल धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद लोगों ने इस कानून को समाज विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ने का सर्वसम्मत निर्णय लिया।
विरोध के विभिन्न चरण और रणनीति
बैठक में विरोध स्वरूप निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
- विशेष स्टीकर तैयार कर उन्हें घरों, दुकानों एवं वाहनों पर लगाया जाएगा।
- व्यापारी एवं सरकारी कार्यों से जुड़े लोग हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
- शहर के मध्य सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि सरकार को सद्बुद्धि आए और इस कानून को वापस लिया जाए।
8 फरवरी को विशाल दुपहिया वाहन रैली
बैठक में घोषणा की गई कि 8 फरवरी को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज की विशाल दुपहिया वाहन रैली निकाली जाएगी। यह रैली श्रीराम स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकलेगी। सभी समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और आंदोलन को मजबूती देने की अपील की गई।
बजट पर असंतोष और सामान्य वर्ग की अनदेखी
बैठक में हालिया बजट को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बजट में एसटी-एससी एवं ओबीसी वर्ग के लिए तो विशेष प्रावधान किए गए हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के गरीब एवं कमजोर वर्ग की अनदेखी की गई है। उन्होंने सवाल उठाया:
"क्या सामान्य वर्ग में कोई गरीब नहीं है? क्या सभी लोग संपन्न परिवारों में जन्म लेते हैं?"
नेताओं को चेतावनी और आगामी योजना
बैठक में खेमराज सिंह ने कहा कि:
"यदि कोई भी सवर्ण समाज का नेता बारां आता है और यूजीसी कानून पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाता है, तो उसका खुला विरोध किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पार्टी से हो।"
वहीं नीरज नयन शर्मा ने दुकानों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराने का सुझाव दिया। बैठक के अंत में बताया गया कि एक-दो दिन में विरोध स्वरूप स्टीकर तैयार कर लिए जाएंगे, जिन्हें घरों, दुकानों और वाहनों पर लगाया जाएगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
