राजेंद्र शर्मा

बारां। बारां शहर की चरमरा चुकी यातायात व्यवस्था में सुधार करवाने और अक्षम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस सेवादल ने मोर्चा खोल दिया है। सेवादल के जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएसपी हरिराम सोनी को पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर आक्रोश व्यक्त किया।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस सेवादल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि बारां शहर में तैनात यातायात प्रभारी चंद्रप्रकाश यादव से शहर की यातायात व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं संभल रही है। उनके कार्यकाल में यातायात नियम पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। शहर के प्रमुख चारमूर्ति चौराहे पर हर समय लोक परिवहन और प्राइवेट बसों का जमावड़ा लगा रहता है। इतना ही नहीं, रात के समय कोटा रोड हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने खेल संकुल मैदान के पास लोक परिवहन की प्राइवेट बसें सड़क के दोनों तरफ बेतरतीब ढंग से खड़ी रहती हैं, जिसके कारण हर वक्त गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इन बेलगाम प्राइवेट बसों की आवाजाही और मनमानी के चलते चारमूर्ति चौराहे पर आए दिन दर्दनाक एक्सीडेंट हो रहे हैं। इसके अलावा शहर के धर्मादा चौराहा, अंजुमन चौराहा और तेल फैक्ट्री फाटक पर भी लगातार जाम के हालात बने रहते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंबेडकर सर्किल भी वर्तमान में दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है, जहां आए दिन एक्सीडेंट की घटनाएं घटित हो रही हैं। अंबेडकर सर्किल पर अवैध रूप से खड़ी होने वाली प्राइवेट बसों को हटाने को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर अंबेडकर सर्किल की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव ने यातायात प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि यातायात प्रभारी सुबह 9 बजे से सायं 7 बजे तक फोरलेन पर केवल वन विभाग और खनन विभाग से जुड़े कार्यों में ही व्यस्त रहते हैं, जबकि इस फोरलेन पर बारां आरटीओ और डीटीओ कभी नजर ही नहीं आते हैं। यातायात पुलिस द्वारा किसानों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए बताया गया कि कुछ दिन पूर्व किशनगंज के रामलाल सुमन नामक किसान अपने खेत को समतल (लेविल) कर रहे थे, तब पुलिस उनके ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन जब्त कर ले आई। इसी तरह 24 मई को आशाराम बैरवा नामक किसान जब अपना मकान बनाने के लिए थ्रेसर से गिट्टी खरीदकर ला रहा था, तो उसने मौके पर गिट्टी की पर्ची, अपना ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रैक्टर की आरसी भी दिखाई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण रवैया अपनाते हुए उसके ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। प्रशासन की इसी लापरवाही का नतीजा है कि कुछ दिन पूर्व नारेडा रोड पर एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने 5 वर्ष और 7 वर्ष के दो मासूम बच्चों को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही दोनों बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।

कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने इस पूरी अव्यवस्था के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को अविलंब सुधारने और अकर्मण्य यातायात प्रभारी को तुरंत पद से हटाकर उनके स्थान पर किसी अन्य योग्य अधिकारी को नियुक्त करने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस सेवादल प्रदेश सचिव असरफ देशवाली, प्रदेश को-ऑर्डिनेटर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग सरदार सिंह नायक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा राम बैरवा, उपाध्यक्ष कुलदीप भूलहेड़ी, युवा नेता जितेंद्र नागर, बालकिशन शेखावत, अमिताभ सिंह, जुगल पांचाल, नगर अध्यक्ष रोहित गुर्जर, प्रदीप बैरवा, एवं पूर्व पार्षद व युवा नेता विजय बैरवा सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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