बारां: ट्रैफिक पुलिस पर अवैध वसूली के आरोप, चालान को लेकर बढ़ी जनता की नाराजगी
बारां के मताना तिराहा और कोटा रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर तैनात पुलिस पर चालान के नाम पर वाहन चालकों से जबरन धन वसूली के आरोप लगे हैं।

बारां शहर के बाहरी मार्गों पर यातायात पुलिस के दस्ते वाहन चालकों को रोककर चालान की कार्रवाई करते हुए।
जिला मुख्यालय पर यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली गंभीर आरोपों के घेरे में है। आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैनात यातायात पुलिस पर वाहन चालकों को अनावश्यक परेशान करने और चालान की आड़ में अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्टर राजेंद्र शर्मा के अनुसार, यातायात पुलिस के जवान अपने वरिष्ठ अधिकारियों को संतुष्ट करने के लिए सक्रिय होने के बजाय केवल वाहनों में बैठकर समय व्यतीत करते नजर आते हैं। इनका मुख्य केंद्र बिंदु केवल चालान बनाना रह गया है, जबकि किसी भी राहगीर या वाहन चालक को यातायात नियमों के प्रति जागरूक या समझाइश करते हुए उन्हें कभी नहीं देखा गया।
विवादों का दायरा अब शहर के बाहरी इलाकों तक फैल गया है। मताना तिराहा, मेलखेड़ी रोड, अंबेडकर सर्किल, भूल-भुलैया चौराहा तथा झालावाड़ और कोटा रोड हाईवे पर दो-तीन पुलिसकर्मियों के अलग-अलग दस्ते तैनात किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी राहगीरों को रोककर चालान की धमकी देते हैं, जिसके बाद या तो वे अवैध सौदेबाजी करते हैं या फिर मजबूरी में चालान काट देते हैं। स्थानीय किसानों, कर्मचारियों और चिकित्सा कर्मियों ने शिकायत की है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के रोककर प्रताड़ित किया जाता है।
अनैतिक वसूली का शिकार बने एक दिहाड़ी मजदूर ने व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि जब वह शहर के समीप स्थित अपने गांव लौट रहा था, तब पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर चालान के नाम पर उसकी दिनभर की पूरी कमाई वसूल ली। कई वाहन चालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी ऑनलाइन चालान काटने का भय दिखाकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। यातायात पुलिस की इस दमनकारी कार्यप्रणाली को लेकर शहर के आम नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और आसपास के गांवों से आने वाले कामगारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस का यह व्यवहार अन्यायपूर्ण है और तत्काल इस पर अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
