बारां। जिले के व्यापार, शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों की जीवनरेखा माने जाने वाले रेल संपर्क को लेकर बारां के व्यापारियों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। बारां से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन और दोपहर के समय बारां से कोटा के बीच यात्री गाड़ी चलाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर व्यापार महासंघ ने जनप्रतिनिधियों से किए गए चुनावी वादों को पूरा करने की मांग दोहराई है। इस मुद्दे को लेकर अब सांसद, रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक ईमेल के माध्यम से गुहार लगाई गई है।

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने बताया कि बारां से दिल्ली की सीधी ट्रेन और दोपहर के समय बारां से कोटा के लिए यात्री गाड़ी शुरू करने की मांग पूर्व में सांसद दुष्यंत सिंह से अनेक बार ज्ञापन और शिष्टाचार भेंट के माध्यम से की जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी इस संबंध में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक न तो बारां-दिल्ली सीधी ट्रेन शुरू हो पाई और न ही आमजन, व्यापारियों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दोपहर में कोटा जाने वाली ट्रेन की व्यवस्था हो सकी है।

व्यापार महासंघ का कहना है कि यह मांग केवल सुविधा की नहीं, बल्कि जिले के समग्र आर्थिक विकास से जुड़ी हुई है। बारां की कृषि उपज मंडी राजस्थान में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, वहीं जिले में कई पावर प्लांट स्थापित हैं। ऐसे में व्यापारियों, आढ़तियों, सरकारी अधिकारियों, पावर प्लांट कर्मियों और विद्यार्थियों के लिए दिल्ली तक सीधा रेल संपर्क अत्यंत आवश्यक है। महासंघ ने यह भी याद दिलाया कि वसुंधरा राजे को दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला और दुष्यंत सिंह पांच बार से बारां-झालावाड़ संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने जा रहे हैं, इसके बावजूद अब तक यह बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

बारां शहर की लगभग सभी स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा पूर्व में कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया जा चुका है, लेकिन ठोस परिणाम सामने नहीं आए। व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों देवकीनंदन बंसल, विमल बंसल, विजय भाई पतीरा, कलीम भाई बोहरा, सेन कुमार अदलकखा, शेखर कुमरा, कमलेश गोयल, राकेश जैन, मनीष लश्करी, महासचिव कन्हैयालाल चित्तौड़ा, शंकर माहेश्वरी, नरेश नंदवाना, उपाध्यक्ष जगदीश बंसल, नरेश खंडेलवाल, कमलेश जैन, आनंद बंसल, भानु पोरवाल, हेमराज शर्मा, आसिफ भाई, दिलीप चौबे, संजय शर्मा, मनोज पिपलानी, मनोज बाटला, पुनीत कुमरां, मनीष गर्ग, धीरज हल्दिया, कपिल पोरवाल, संजय गुप्ता, नरेंद्र बोरिना और सुदर्शन झाम्ब तथा विनोद जैन सहित अन्य व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि सांसद द्वारा पूर्व में “डबल इंजन की सरकार” बनने का इंतजार करने की बात कही गई थी। अब राज्य और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद यदि यह मांग पूरी नहीं होती, तो फिर इसे कब पूरा किया जाएगा, यह बड़ा सवाल है।

व्यापारियों ने बताया कि बारां शहर व जिले के लगभग 50 से 100 व्यापारी प्रतिदिन व्यापार के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। वर्तमान में उन्हें पहले कोटा जाना पड़ता है और फिर वहां से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी होती है, जिससे समय और संसाधनों की भारी हानि होती है। बारां जिले में लगभग 1335 गांव हैं और मध्य प्रदेश की सीमा तीनों ओर से जिले से जुड़ी हुई है। यदि दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन शुरू होती है, तो इसका लाभ केवल बारां शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के व्यापार और आवागमन को मिलेगा।

इसके साथ ही राज्य कर्मचारी और अधिकारी भी कोटा व आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन अप-डाउन करते हैं, जिन्हें दोपहर के समय बारां से कोटा जाने के लिए किसी भी रेल साधन की अनुपलब्धता के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी को लेकर सांसद दुष्यंत सिंह, रेल मंत्रालय भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय, लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला को ईमेल भेजकर यह मांग की गई है कि दोपहर तीन से चार बजे के बीच बारां से कोटा की ओर एक यात्री गाड़ी चलाने पर गंभीरता से विचार किया जाए।

व्यापार महासंघ ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि सरकार चाहे तो गुना, रुठियाई या बीना मार्ग से दिल्ली जाने वाली किसी ट्रेन को वाया कोटा संचालित कर बारां को जोड़ा जा सकता है। अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने कहा कि मेल के माध्यम से सांसद दुष्यंत सिंह, रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि चुनाव के समय किए गए वादे पूरे हों और बारां के व्यापारियों व आमजन को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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