बारां। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान बारां इकाई की ओर से बारां जिले में सरकार द्वारा जिला मुख्यालय पर पर्यटन कार्यालय खोले जाने को लेकर जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में यह मांग प्रमुख रूप से उल्लेखित की गई थी कि बारां का अपना पर्यटन अधिकारी कार्यालय जिला मुख्यालय पर ही स्थापित हो, ताकि विभिन्न ऐतिहासिक पुरातात्विक धरोहरों, धार्मिक एवं पर्यटन, सहरिया आदिवासी अंचल की पारंपरिक वेशभूषाएं, जीवन शैली, रहन-सहन व रोजगार की दृष्टि से जिला एवं जिलेवासी लाभान्वित होंगे बल्कि देश-विदेश के सैलानी भी यहां आकर इस जिले की विशेषताओं से आत्मसात हो सके।

समृद्ध विरासत के बावजूद पर्यटन विकास में पिछड़ा जिला

होटल फेडरेशन के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल व सचिव जगदीश शर्मा ने बताया कि "बारां जिला ऐतिहासिक व धार्मिक, प्राकृतिक व जनजाति, सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध होने के बावजूद पर्यटन की दृष्टि से बहुत पीछे है, क्योंकि फिलहाल इस जिले की विशेषता को प्रमुखता से दृष्टिगोचर नहीं किया गया है।" जबकि यहां रामगढ़ क्रेटर व शेरगढ़ सेंचुरी, शाहाबाद के जंगल, किला, रामगढ़ क्रैटर, माता जी का मंदिर, नाहरगढ़ का किला, विलास की अति प्राचीन मशहूर धरोहरें और काकोनी जैसी अंतरराष्ट्रीय धरोहर है। जिले के अपना पर्यटन कार्यालय न होने से पर्यटन विकास व सुविधाओं के अभाव के कारण यहां पर्यटन क्षेत्र में निवेश नहीं आ पा रहा है, जिससे पर्यटन में रोजगार के अवसर भी विकसित नहीं हो पाए है।

अन्य जिलों पर निर्भरता और औद्योगिक संभावनाओं पर असर

इतना ही नहीं पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए बारां जिले के लोगों को अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है जिससे प्रशासनिक समन्वय नहीं बैठ पाता है। अग्रवाल और शर्मा ने बताया कि जिले में औद्योगिक एवं लघु औद्योगिक तथा व्यापारिक दृष्टि से भी अपार संभावनाएं है खास तौर पर जिला मुख्यालय के समीपवर्ती कस्बा मांगरोल खादी के कपड़े के उत्पादन के लिए जाना जाता है। मांगरोल खादी जिला मुख्यालय के अलावा राज्य एवं देश के प्रमुख शहरों जयपुर, लखनऊ, आगरा, भोपाल, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, सूरत, अहमदाबाद सहित इत्यादि शहरों में मांगरोल-बारां खादी के नाम से बिकती है, मगर अभी भी प्रमुख पहचान तथा सरकारी एवं औद्योगिक मदद के बिना अधूरी ही है। यदि यहां का पर्यटन विकास की राह पकड़ता है तो इस प्रकार के लघु उद्योगों से जुड़े हुए लोगो को भी अपनी कारीगरी के हुनर को देश विदेश तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

कोटा संभाग में बढ़ते अवसर और प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति

होटल फेडरेशन के संभाग के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं संभागीय सचिव संदीप पाड़िया के नेतृत्व में उनके द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयास से कोटा संभाग के चारों जिलों कोटा-बारां-बूंदी-झालावाड़ में पर्यटन अवसर बढ़ते जा रहे हैं जिसका एक बड़ा उदाहरण कोटा ट्रैवलमार्ट 2026 का सफल आयोजन है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, सचिव जगदीश शर्मा, कोषाध्यक्ष मुरारी राठौर, महेंद्र शर्मा कस्तूरी, नरेंद्र शर्मा व मनोज अग्रवाल सहित आदि उपस्थित रहे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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