बारां: पर्यटन विकास और रोजगार के लिए होटल फेडरेशन और वन विभाग की बैठक
सोरसन, शेरगढ़ और शाहबाद में ईको-टूरिज्म व सफारी के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर बनी सहमति।

बारां जिले में वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और पर्यटन की जड़ों को सुदृढ़ कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की बारां इकाई के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिला उप वन संरक्षक बी. वी. माणिक राव से शिष्टाचार भेंट की, जिसमें जिले के पर्यटन विकास के भविष्य को लेकर विस्तृत एवं सकारात्मक रोडमैप तैयार किया गया।
मुलाकात के दौरान जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों—सोरसन अभ्यारण्य, शेरगढ़, रामगढ़ और शाहबाद—के समग्र विकास को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस उच्च स्तरीय बैठक में सोरसन अभ्यारण्य क्षेत्र में बाउंड्री वॉल के निर्माण, जैव विविधता के संरक्षण और विशेष रूप से प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, शाहबाद क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा रामगढ़ व शेरगढ़ के ऐतिहासिक अंचलों में पर्यटन सफारी शुरू करने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिस पर वन विभाग ने सकारात्मक सहमति जताई। जिला उप वन संरक्षक बी. वी. माणिक राव ने इन प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए आगामी मई माह में संबंधित विभागों के साथ एक वृहद समीक्षा बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया, ताकि इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।
होटल फेडरेशन बारां के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने सोरसन अभ्यारण्य स्थित पर्यटन हट को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने उन तालाबों को विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का सुझाव दिया जहां प्रतिवर्ष विदेशी पक्षी प्रवास करते हैं। अग्रवाल के अनुसार, यदि पर्यटन हट का समुचित विकास होता है, तो वहां प्री-वेडिंग शूट, डेस्टिनेशन मैरिज और प्रकृति आधारित आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। फेडरेशन के सचिव जगदीश शर्मा धनवर्षा ने बताया कि इस अभियान के तहत हाल ही में पदाधिकारियों ने झालावाड़ में पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी से भी भेंट कर बारां की पर्यटन संभावनाओं पर विमर्श किया था। इस महत्वपूर्ण बैठक में कोषाध्यक्ष मुरारी राठौर एवं शिवम सिंघल ने भी उपस्थित रहकर पर्यटन उत्थान हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
